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Udham Singh Nagar News: दुष्कर्म के आरोपी को पॉक्सो से बचाने के लिए पीड़िता की उम्र में हेराफेरी

Mon, 15 Dec 2025 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को बालिग दर्शाकर आरोपी को लाभ पहुंचाने के आरोपों पर अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के दौरान विवेचना अधिकारी द्वारा पीड़िता की उम्र में कथित हेरफेर किए जाने और आरोपी की बहन व अन्य को जांच से बाहर रखने का मामला सामने आया। पीड़िता की ओर से प्रस्तुत शैक्षिक प्रमाणपत्रों से यह स्पष्ट हुआ कि घटना के समय वह नाबालिग थी। इसके बाद अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम के तहत 12 जनवरी 2026 को पेश होने के आदेश दिए हैं। साथ ही विवेचना अधिकारी को भी सुनवाई के दिन तलब किया गया है।
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आईटीआई थाना क्षेत्र की पीड़िता ने 10 दिसंबर 2019 को थाने में तहरीर देकर ग्राम बरखेड़ा पांडे निवासी दीपक सागर, उसकी बहन और कुछ अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता ने खुद को 15 वर्ष का बताते हुए शैक्षिक प्रमाणपत्र भी सौंपे थे। आरोप है कि विवेचना अधिकारी ने आरोपी की बहन के कहने पर दीपक सागर को छोड़कर अन्य आरोपियों के नाम जांच से हटा दिए।
विवेचना अधिकारी ने अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी रुद्रपुर की अदालत में आईपीसी की धारा 376 व 506 के तहत आरोप पत्र दाखिल किए, जबकि पीड़िता ने न्यायालय में अपने बयान में स्वयं को नाबालिग बताया। इसके बाद पीड़िता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से धारा 216 सीआरपीसी के तहत आरोप परिवर्तन का प्रार्थनापत्र दिया। आरोपी पक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे वाद को लंबित करने का प्रयास बताया।
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अदालत ने शैक्षिक प्रमाणपत्रों के साथ संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य और राजस्व निरीक्षक के बयान सुनने के बाद माना कि घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीएससी संगीता आर्य की अदालत ने कहा कि आरोपी दीपक सागर पर पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोप विचारित किया जाना न्यायसंगत है। अदालत ने आरोपी को 5/6 पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत 12 जनवरी 2026 को पेश होने और विवेचना अधिकारी को भी उसी दिन उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।
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यह हैं आरोप
-पीड़िता की उम्र को जांच में बालिग दर्शाया गया
-आरोपी की बहन व अन्य को जांच से बाहर किया गया
-शैक्षिक प्रमाणपत्रों की अनदेखी का आरोप

कोर्ट का रुख
-शैक्षिक प्रमाणपत्रों से पीड़िता नाबालिग पाई गई
-आरोपी पर पॉक्सो के तहत आरोप विचारित करने का आदेश
-विवेचना अधिकारी को भी पेश होने के निर्देश

आगे क्या होगा
-12 जनवरी 2026 को आरोपी की पेशी होगी
-पॉक्सो अधिनियम की धारा 5/6 के तहत सुनवाई
-विवेचना अधिकारी को आवश्यक रूप से मौजूद रहना होगा
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