काशीपुर। कटोराताल चौकी क्षेत्र स्थित एक निजी वाहन गैराज के बंद कमरे में राजमिस्त्री का शव मिलने से सनसनी फैल गई। तीन दिन पूर्व एक रिश्तेदार के घर दावत में पहुंचने के बाद राजमिस्त्री संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजन और क्षेत्र के लोग उसकी हत्या की आशंका जता रहे हैं। पुलिस, एसओजी और फोरेंसिक टीम जांच कर रही है।
पुष्पक विहार कॉलोनी निवासी जाकिर (45) पुत्र कलवा राजमिस्त्री का काम करता था। जाकिर के साथ उसकी पत्नी शबनम और दो बेटे भी रहते हैं और एक बेटा सऊदी अरब में काम करता है। 18 जून को काजीबाग में रहने वाले जाकिर के साढू भाई रईस के घर पर पोता होने की खुशी में दावत थी। जाकिर भी परिवार के साथ दावत के लिए उनके घर पहुंचा। यहां दावत के खाने में कुछ देरी होने पर बाद में आने की बात कहकर जाकिर कहीं चला गया और तभी से लापता था।
इधर, परिजन जाकिर की खोजबीन में लगे थे कि सोमवार सुबह जाकिर का शव उसके साढू भाई के घर से कुछ दूर स्थित रईस बाबू के गैराज के एक कमरे में पड़ा मिला। स्थानीय पार्षद की सूचना पर कटोराताल चौकी प्रभारी ओमप्रकाश सिंह, सीओ एपी कोंडे, एसएसआई देवेंद्र गौरव, टांडा चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गैराज स्वामी के साथ ही मृतक के पुत्र और आसपास के लोगों से पूछताछ की। रुद्रपुर से पहुंची फोरेंसिक विभाग की टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। जाकिर का शव मिलने पर उसके परिजन और क्षेत्र के लोग इसे हत्या मान रहे हैं। फिलहाल पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है।
फर्श और लोहे के पोल पर लगे खून के दाग
काशीपुर। जाकिर का शव जिस गैराज के कमरे में मिला है उसके बाहर एक टिनशेड है। इस शेड के फर्श और एक पोल पर भी खून के निशान हैं। फिलहाल पुलिस ने खून के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
शरीर पर नहीं मिला एक भी चोट का निशान
काशीपुर। जाकिर की मौत के मामले में एक और चौंकाने वाली बात है कि उसके शरीर पर एक भी चोट का निशान नहीं है। सवाल यह है कि बाहर फर्श पर गिरा और पोल पर लगा खून किसका है। कमरे में शव के गले में उस डोरी का फंदा है, जिससे गत्ते के कार्टन को बांधा जाता है। इससे गले में फंदा लगने की बजाय गला कटने के अधिक आसार हैं। शव कमरे में पड़ी कुर्सी पर टिका था। हालांकि शव के पास एक बाल्टी और उसके ऊपर कट्टा भी मिला है। इसमें चढ़कर फांसी लगाने का अंदेशा जताया जा रहा है लेकिन यदि फांसी लगाई गई है तो शव लटकता हुआ मिलना चाहिए था।
गैराज स्वामी को नहीं लगी शव की भनक
काशीपुर। शुक्रवार शाम को जाकिर लापता हुआ और सोमवार को उसका शव मिला। अगर माना जाए कि शुक्रवार शाम ही जाकिर की हत्या कर दी गई या किसी और कारण से उसकी मौत हुई तो तीन दिन तक किसी को वहां शव होने की भनक क्यों नहीं लगी। जबकि शनिवार को गैराज मालिक के बेटे इमरान ने मुरादाबाद जाने के लिए गैराज से कार निकाली और रविवार शाम गैराज में कार को खड़ा भी किया। लेकिन उसे न ही गैराज से कोई बदबू आई और न ही फर्श पर गिरा खून दिखा। जबकि पुलिस भी शव को दो से तीन दिन पुराना मान रही है। गर्मी का मौसम होने के कारण शव से बदबू आने में देर नहीं लगती। आसपास घनी आबादी भी है।
गेट पर लटका ताला सुरक्षित
काशीपुर। गैराज के जिस कमरे में जाकिर का शव मिला उसके चैनल पर हमेशा ताला लगा रहता है और चाबी गैराज मालिक के पास रहती है। सोमवार सुबह जब इमरान का चालक हाशिम कार लेने गैराज में गया तो सबसे पहले उसने खून पड़ा देखा। जिस कमरे में जाकिर का शव मिला उसमें भी कबाड़ होने के कारण ताला लगा रहता है। ऐसे में सवाल है कि बिना गैराज के चैनल का ताला खोले जाकिर गैराज में कैसे गया। और किसने, कैसे और क्यों उस कमरे का ताला तोड़ा, जिसमें जाकिर का शव मिला। गैराज में जाने के लिए और कोई रास्ता नहीं है सिर्फ पीछे की दीवार फांदकर ही गैराज में आया जा सकता है।
चार टीमें छानबीन में जुटीं
काशीपुर। जाकिर की मौत का रहस्य सुलझाने के लिए एएसपी प्रमोद कुमार ने एसओजी समेत चार टीमों का गठन किया है। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। गैराज में खड़े वाहनों की चाबियां भी पुलिस ने कब्जे में ली हैं साथ ही उन वाहनों को चलाने वालों के नंबर भी पुलिस ने जुटाए हैं। कुछ संदिग्धों को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
घटनास्थल पर रोता बिलखता मृतक का बेटा।- फोटो : KASHIPUR