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Udham Singh Nagar News: तराई में पहली बार होगी मखाने की खेती

Sat, 12 Sep 2026 12:51 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। बिहार और पूर्वी भारत में प्रमुखता से की जाने वाली मखाने की खेती अब तराई क्षेत्र में भी शुरू होने जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) काशीपुर की पहल पर क्षेत्र में पहली बार मखाने की खेती का ट्रायल कराया जाएगा।
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कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार तराई की जलवायु और यहां मौजूद तालाब व जलभराव वाले क्षेत्र मखाने की खेती के लिए उपयोगी हो सकते हैं। वर्तमान में कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां पानी की अधिकता के कारण पारंपरिक फसलों की खेती चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में मखाने की खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का विकल्प बन सकती है। केवीके इसके लिए कुछ किसानों का चयन कर रहा है। चयनित किसानों के खेतों में जल्द ट्रायल शुरू कराया जाएगा। इस दौरान फसल की बढ़वार, उत्पादन, पानी की आवश्यकता और स्थानीय परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता का आकलन किया जाएगा। संवाद
इनसेट
बीज से उत्पादन तक दिया जाएगा प्रशिक्षण
कृषि वैज्ञानिक डॉ. निर्मला भट्ट ने बताया कि किसानों को बीज की गुणवत्ता और चयन, खेत अथवा तालाब की तैयारी, रोपण, पौधों की देखभाल, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट प्रबंधन और सही समय पर कटाई की जानकारी दी जाएगी। प्रयास रहेगा कि ट्रायल के बाद किसान इसे व्यावसायिक स्तर पर भी अपना सकें।
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कोट
ट्रायल सफल रहा तो तराई में मखाने की खेती किसानों के लिए आय का नया जरिया बन सकती है। जिन किसानों के पास जलभराव वाले खेत या तालाब हैं, वे इसका लाभ उठा सकते हैं। ट्रायल के परिणामों के आधार पर ही इसे बड़े स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया जाएगा। - डॉ. अनिल चंद्रा, कृषि वैज्ञानिक
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