जसपुर। एलटी संवर्ग में टीईटी अनिवार्य किए जाने के विरोध में जसपुर ब्लॉक के शिक्षकों ने आवाज बुलंद की। शिक्षकों ने विधायक आदेश सिंह चौहान और खंड शिक्षाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की।
शिक्षकों ने कहा कि एलटी संवर्ग में नियुक्ति के समय आयोग की ओर से निर्धारित सभी वैधानिक अर्हताएं पूरी करने के बाद उनका चयन हुआ है। वर्षों की सेवा के बाद टीईटी जैसी नई शर्त थोपना सेवा नियमावली की भावना और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विपरीत है। कहा कि एलटी शिक्षकों का मूल कार्य माध्यमिक स्तर यानी कक्षा नौ और 10 में अध्यापन करना है। ऐसे में कक्षा छह से आठ के लिए निर्धारित टीईटी को एलटी शिक्षकों पर थोपना उचित नहीं है। शिक्षकों ने सरकार से एलटी संवर्ग को उसके मूल कार्यक्षेत्र तक सीमित रखते हुए टीईटी की बाध्यता समाप्त करने की मांग की। वहां नीरज चौहान, अनूप सिंह, तजम्मुल हसन, हरीश चौहान, राहुल विश्नोई, नाजिम कमर, विवेक सचान, लोकेश कुमार, संदीप कुमार, कौशल चौधरी, रवि चौहान, कपिल सैनी, ताबिंदा अली, कुंती यादव, श्रद्धा पुष्कर, केशव सिंह आदि मौजूद रहे।
टीईटी की बाध्यता लागू नहीं करने की मांग
काशीपुर। शनिवार को राजकीय शिक्षक संघ के बैनर तले पदाधिकारियों और शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में सौंपा। कहा कि एलटी संवर्ग के 2014 से पूर्व चयनित और नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनुचित और तर्कहीन बाध्यता थोपने के प्रशासनिक प्रयासों से शिक्षक आक्रोशित हैं। शिक्षकों ने विधायक त्रिलोक सिंह चीमा से भी एलटी शिक्षकों पर टीईटी की बाध्यता लागू न किए जाने के लिए शासन स्तर पर पैरवी करने की मांग की है। इससे पूर्व शिक्षकों ने बाजपुर रोड स्थित बीआरसी सभागार में बैठक कर इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष हेमेंद्र पाल सिंह, ब्लॉक मंत्री अंजना राज, पूजा चौधरी, प्रीतम सिंह आदि मौजूद रहे।