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सितारगंज में होगी एलपीजी की रिफिलिंग

Wed, 03 May 2017 11:23 PM IST
यासीन अंसारी/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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तेल रिफायनरी - फोटो : wikipedia
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औद्योगिक नगरी के सिडकुल फेज टू में उद्योगपतियों का आने का क्रम जारी है। नवरत्न कंपनियों में से एक इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) सिडकुल फेज टू में सौ करोड़ का निवेश करने जा रही है। वाराणसी की रचना हैचरी भी यहां मुर्गी के चूजे बनाने का उद्योग लगाएगी। इससे दोनों कंपनियों में 600 से अधिक स्थानीय युवा रोजगार पा सकेंगे। आईओसी 2020 तक और रचना 2019 तक उत्पादन करने लगेगी।
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डेढ़ साल पहले आईओसी के सीनियर मैनेजर सुल्ताना ने फेज टू का मुआयना कर यहां उद्योग लगाने की मंशा जताई थी और फेज टू में 30 एकड़ भूमि का प्लॉट भी चयनित किया था। बुधवार को सिडकुल ने आईओसी को ऑनलाइन पत्र भेजकर उद्योग लगाने के लिए 30 एकड़ जमीन का एलॉटमेंट कर दिया। इसी माह भूमि की लीज भी हो जाएगी। सिडकुल अधिकारियों के अनुसार आईओसी एलपीजी रिफिलिंग प्लांट लगाएगी। कंपनी तकरीबन सौ करोड़ रुपये का निवेश करेगी। अगस्त से कंपनी का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा और अप्रैल 2020 तक कंपनी उत्पादन भी शुरू कर देगी। तीन साल के भीतर चालू होने वाली इस कंपनी में क्षेत्र के 500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

इधर, वाराणसी की रचना हेचरी कंपनी भी फेज टू में दो करोड़ के निवेश के साथ मुर्गी के चूजे बनाने का उद्योग लगाने जा रही है। डेढ़ माह पहले कंपनी के ऑनर संजय श्रीवास्तव ने यहां फेज टू में 1200 स्क्वायर मीटर जमीन देखी थी। सिडकुल द्वारा रचना हैचरी को जमीन एलॉट कर दी गई है। ये कंपनी जुलाई में कार्य शुरू करेगी और 2019 तक उत्पादन कार्य भी चालू हो जाएगा। यहां भी सौ युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।
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नवरत्न कंपनी आईओसी, वाराणसी की रचना हैचरी को जमीन आवंटित कर दी गई है। जल्द ही दोनों कंपनियों की लीज की कार्रवाई पूरी हो जाएगी। आईओसी सौ करोड़, रचना दो करोड़ का निवेश करेगी। जुलाई में रचना और अगस्त में इंडियन ऑयल के उद्योग का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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- जीएस रावत
आरएम, सिडकुल सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)।
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