खटीमा। पहाड़ों में बारिश न होने से शारदा नहर का जलस्तर भी कम हो गया है। वर्तमान में खटीमा से यूपी को बह रही शारदा नहर में सिर्फ 7741 क्यूसेक पानी ही उपलब्ध है। जिस कारण 41.5 मेगावाट क्षमता वाले लोहियाहेड पावर हाउस में सिर्फ 21 मेगावाट बिजली का ही उत्पादन हो पा रहा है। इससे खटीमा के अलावा सितारगंज, बनबसा, टनकपुर और पीलीभीत आदि क्षेत्रों के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
पहाड़ों से आने वाली शारदा नदी का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। बनबसा बैराज से 8265 क्यूसेक में से 7741 क्यूसेक पानी शारदा नहर में छोड़ा रहा है। इसका असर लोहियाहेड पावर हाउस के बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है। पावर हाउस की तीनों टरबाइन चलाने के लिए नहर में 10500 क्यूसेक पानी की जरूरत पड़ती है, लेकिन जलस्तर कम होने के कारण वर्तमान में दो टरबाइन ही चल रही हैं।
शारदा विद्युत गृह लोहियाहेड के उप महाप्रबंधक महकार सिंह ने बताते हैं कि पहाड़ों में बारिश न होने से शारदा नहर का जलस्तर घट गया है। जिस कारण बिजली का 30.5 मेघावाट कम उत्पादन हो रहा है।
यूपी में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं
खटीमा। शारदा नहर के पानी से यूपी के पूरनपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और शाहजहांपुर आदि क्षेत्रों में सिंचाई की जाती है। खटीमा से बहकर यूपी को जाने वाली शारदा नहर में वर्तमान में सिर्फ 7741 क्यूसेक पानी है। पहाड़ों में बारिश होने के बाद शारदा नहर का जलस्तर बढ़ने के बाद ही यूपी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। संवाद