रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के शिमला पिस्तौर में बिजली की लाइन में आए फॉल्ट को ठीक कर रहे ऊर्जा निगम में स्वयं सहायता समूह से तैनात लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। उन्होंने घटनास्थल पर पहुंचे जेई को जमकर खरीखोटी सुनाई। पुलिस और पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने परिजनों को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
ग्राम शिमला पिस्तौर निवासी शिव कुमार (48) कई वर्षों से ऊर्जा निगम के किच्छा सब डिविजन में स्वयं सहायता समूह के जरिये लाइनमैन का कार्य कर रहे थे। रविवार रात को शिव कुमार को मलसी रोड पर निर्माणाधीन सत्यम मेंटल कंपनी के पास लाइन में फाॅल्ट आने की सूचना मिली। शिव कुमार के बेटे नरेश ने बताया कि जेई के कहने पर उनके पिता व वह मौके पर गए थे। पिता ने कच्ची खमरिया स्थित बिजली घर से शटडाउन लिया था और फोन पर सचिन नाम के कर्मचारी से बात भी हुई थी।
इसके बाद पिता पोल पर सीढ़ी लगाकर फाॅल्ट ठीक करने के लिए चढ़े थे। जैसे ही उन्होंने तार पर हाथ लगाया तो उसमें आ रहे करंट से उनको तेज झटका लगा और वे जमीन पर गिर गए। जमीन पर पक्का फर्श होने की वजह से सिर पर चोट लगने से उनका खून बहने लगा और कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। जेई को सूचना देने के बाद भी वह मौके पर नहीं आए। नरेश ने आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत हादसा नहीं बल्कि साजिशन हत्या है।
इधर शिव कुमार की मौत की सूचना से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए व हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसएसआई ललित मोहन रावल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। इसी बीच जेई भी मौके पर पहुंच गए और उनको लोगों का आक्रोश झेलना पड़ा। परिजनों ने शव को नहीं उठाने दिया। इस दौरान पूर्व विधायक शुक्ला और एसडीओ डीसी गुरुरानी भी पहुंचे और परिजनों से वार्ता की। इसके बाद आधी रात को शव मोर्चरी भिजवाया गया। सोमवार की सुबह एसडीओ मृतक के घर पहुंचे और मदद के साथ ही जांच का भरोसा दिया। मृतक के दो बेटे और दो बेटियां हैं। सांसद प्रतिनिधि विपिन जल्होत्रा, ललित बिष्ट सहित अनेक लोगों ने परिजनों को सांत्वना दी।
लाइनमैन की मौत के मामले में एसडीओ और जेई की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। प्रथम दृष्टया लाइनमैन के अन्य लाइन का शटडाउन लेकर अन्य लाइन में काम करने की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट अधीक्षण अभियंता को सौंप दी गई है। सर्किल कार्यालय से जांच कमेटी का गठन होगा। जांच में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। - संजय मिश्रा, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम