रुद्रपुर। मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में सिस्टम की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल की इकलौती लिफ्ट 16 दिनों से खराब पड़ी है। अस्पताल में रोज 500 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए आते हैं। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए लिफ्ट ही एकमात्र सहारा है। मरीजों को दूसरी और तीसरी मंजिल तक जाने के लिए सीढि़यां चढ़नी पड़ रही है। तीसरी मंजिल पर बने जनरल वार्ड में पहुंचने के लिए 33 सीढि़यां पार करनी पड़ती हैं। दूसरी मंजिल पर महिला रोग विशेषज्ञ, डायलिसिस, आईसीयू के लिए भी 20 से अधिक सीढि़यां चढ़नी पड़ती है। मरीजों के साथ-साथ गर्भवतियों और बुजुर्गों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हर पांच सीढ़ी पर करना पड़ रहा विश्राम
शनिवार की दोपहर करीब एक बजे अस्पताल पहुंचे बाजपुर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग मरीज मुन्ना मियां ने बताया कि लिफ्ट बंद होने के कारण ऊपर जाने में दिक्कत हो रही है। हर पांच सीढ़ी चढ़ने के बाद विश्राम करना पड़ रहा है। उनकी परिजन कमर जहां ने बताया कि डॉक्टर ने इन्हें डायलिसिस वार्ड में भेजा है। छोटे बच्चों को गोद पर उठाकर सीढि़यां चढ़ने वाली महिलाओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कोट
लिफ्ट के खराब होने की समस्या का संज्ञान लिया गया है। इसके कुछ पार्ट्स बाहर से आने हैं। जल्द ही मरम्मत कराकर लिफ्ट सुविधा सुचारू करा दी जाएगी। - डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
लिफ्ट को जल्द ठीक कर लिया जाएगा। कुछ पार्ट्स बाहर से आने हैं। पार्ट्स आते ही इसकी मरम्मत होगी। डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज