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दोस्त की हत्या करने के मामले में तीन अभियुक्तों को उम्रकैद

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रुद्रपुर। 74 हजार रुपये के लिए दोस्त की हत्या करने के दोषी तीन युवकों को द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शादाब बानो ने आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है जबकि चौथे अभियुक्त की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुंडेली (खटीमा) निवासी रमेश चंद्र ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका 18 वर्षीय पुत्र रोहित पुनेरा नोजगे पब्लिक स्कूल में कक्षा 12 का छात्र था। वह एक नवंबर 2012 की शाम को अपनी चाची के घर गया था। करीब साढ़े सात बजे उसे किसी ने फोन करके बाहर बुलाया और अपने साथ ले गया। इसके बाद 14 नवंबर को रोहित का शव ग्राम नौगवां पट्टी में एक गन्ने के खेत में मिला। उसको मफलर व दस्ताने से गला घोटकर मारा गया था। उसका एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
पुलिस ने बताया था कि रोहित के चाचा ब्याज पर रुपये देते थे और वह उस दिन चाचा के घर से 74 हजार रुपये ले गया था। इन्हीं दोनों कारणों को लेकर रोहित के चारों दोस्तों प्रवीण चंद्र, वीरेंद्र सिंह ठाकुर उर्फ बबलू, इंद्र मोहन सिंह खड़ायत निवासी ग्राम भुजिया नंबर तीन (खटीमा) व नरेंद्र सिंह बिष्ट निवासी ग्राम नौगंवा ठग्गू (खटीमा) ने दस्ताने पहनकर मफलर से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी।
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पुलिस ने प्रवीण, वीरेंद्र व इंद्रमोहन को गिरफ्तार किया जबकि नरेंद्र ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शादाब बानो की कोर्ट में मुकदमा चला। मुकदमे के दौरान नरेंद्र सिंह बिष्ट की नौ सितंबर 2014 को मौत हो गई थी। इस मुकदमे में अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल कुमार सिंह ने 16 गवाह पेश कर आरोप सिद्ध कर दिया। इसके बाद एडीजे शादाब बानो ने मंगलवार को तीनों को धारा 302, 34 व 201 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।
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