काशीपुर। सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। प्रदेश के अस्पतालों में एक्स-रे तकनीशियनों के पद नहीं भरे जा सके। इस कारण कार्यरत तकनीशियन अतिरिक्त काम के बोझ तले दबे जा रहे हैं। इसका खामियाजा दूरदराज से आने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे तकनीशियन के 163 पद स्वीकृत है। इनमें करीब 96 पद लंबे से खाली हैं, जबकि 67 तकनीशियन अस्पतालों में कार्यरत हैं।
रुद्रपुर जिला अस्पताल में स्वीकृत चार पदों के सापेक्ष मात्र एक तकनीशियन कार्यरत हैं। उन्हें सीटी स्कैन भी करने पड़ रहे हैं। ऐसे ही नानकमत्ता, बाजपुर में सृजित तकनीशियन का एक-एक पद खाली है। सितारगंज, किच्छा, गदरपुर, जसपुर में एक-एक और खटीमा में दोनों पद भरे हैं।
बाजपुर में सहायक एक्स-रे कर रहा है। काशीपुर एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में दो तकनीशियन और एक सहायक का पद स्वीकृत है। इनमें से एक तकनीशियन ही कार्यरत हैं जबकि दो पद लंबे समय से खाली हैं। दूरदराज से आने वाले मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है।
पर्याप्त विशेषज्ञों के समय होते थे 100 एक्स-रे
काशीपुर। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय के एक्स-रे विभाग में मात्र एक तकनीशियन एक्स-रे समेत अतिरिक्त कार्य करने के लिए मजबूर हैं। अब यहां रोजाना करीब 35 मरीजों के एक्स-रे हो रहे हैं जबकि फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन के रहते यहां रोजाना 100 से अधिक एक्स-रे होते थे। आपात स्थिति में उन्हें घर से भी आना पड़ता है।
एक्स-रे तकनीशियनों के खाली पदों की जानकारी है। खाली पदों को एनएचएम से भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। सेवा नियमावली बनाई जा रही है। शीघ्र ही इन पदों को भरा जाएगा। - डॉ. विनीता शाह, महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण देहरादून।
जिले में एक्स-रे तकनीशियनों के खाली पदों की जानकारी है। इन पदों को भरने के लिए सीएमओ को अधिकार दिए गए हैं। -डॉ. धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री।