रुद्रपुर। राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेज में सांख्यिकी विषय पढ़ाने के लिए प्राध्यापक नहीं हैं। उच्च शिक्षा विभाग भी गढ़वाल के 72 और कुमाऊं के 42 डिग्री कॉलेज में सांख्यिकी विषय के प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए लोक सेवा आयोग की परीक्षा का इंतजार कर रहा है।
राज्य के 113 डिग्री कॉलेज में सांख्यिकी विषय पढ़ाने के सिर्फ दो प्राध्यापक कार्यरत हैं। राजकीय डिग्री कॉलेज नई टिहरी और पतलोट डिग्री काॅलेज नैनीताल में एक-एक प्राध्यापक कार्यरत हैं। पतलोट के सांख्यिकी विषय के प्राध्यापक कॉलेज के प्राचार्य भी हैं। इस कारण उन पर प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी होने के कारण इस विषय की पढ़ाई बाधित होती है।
रुद्रपुर के एसबीएस पीजी कॉलेज में सांख्यिकी के प्राध्यापक का करीब दो वर्ष पूर्व निधन चुका है लेकिन खाली पद पर नई नियुक्ति नहीं हुई है। गणित के प्राध्यापक वर्तमान में यह विषय पढ़ाते हैं लेकिन प्रयोगात्मक परीक्षाओं के लिए सांख्यिकी के प्राध्यापक का होना अनिवार्य है। पिछले दिनों रुद्रपुर कॉलेज में हुई सांख्यिकी की प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए पतलोट के प्राचार्य को आना पड़ा था।
दो संकायों के विद्यार्थी ले सकते हैं सांख्यिकी विषय
रुद्रपुर। सांख्यिकी का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि इस विषय से कला और विज्ञान दो संकायों की पढ़ाई की जा सकती है। बीएससी में पीसीएम ग्रुप के विद्यार्थियों के पास गणित के स्थान सांख्यिकी विषय का विकल्प रहता है। इस विषय से एमए व एमएसी दोनों की किए जा सकते हैं।
सांख्यिकी के प्राध्यापक की नई नियुक्ति की मांग को लेकर उच्च शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजा है। शीघ्र ही लोक सेवा आयोग की भर्ती के बाद सांख्यिकी विषय के प्राध्यापक मिलने की उम्मीद है। - डॉ. डीसी पंत, प्राचार्य, एसबीएस डिग्री कॉलेज, रुद्रपुर।