काशीपुर। लंबे रुटों पर रोडवेज बसों में मानक से कम यात्री बैठाने (लोड फैक्टर) आने से परिवहन निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। आधी क्षमता से कम लोड फैक्टर देने वाले काशीपुर डिपो के नौ परिचालकों को हटाकर लोकल रूट पर लगाया गया है।
काशीपुर डिपो की हरिद्वार, देहरादून, आगरा, रामनगर से दिल्ली जाने वाली नौ बसों में सितंबर में यात्रियों की संख्या काफी कम रही है। इनमें से काशीपुर-बाजपुर-हरिद्वार चलने वाली बस का लोड फैक्टर मात्र 35 फीसदी रहा जबकि सात बसों का लोड फैक्टर 43 से 47 के बीच रहा। काशीपुर से हरिद्वार, आगरा जाने वाली बस ही बमुश्किल 50 फीसद लोड फैक्टर का आंकड़ा छू पाई हैं। 65 फीसदी से कम लोड फैक्टर आने से परिवहन निगम को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लगातार हो रहे घाटे से निगम के अधिकारी परेशान हैं।
उनका कहना है कि अगर यही हाल रहा तो कर्मचारियों के वेतन के भी लाले पड़ जाएंगे। डिपो के एसएसआई हरेंद्र सिंह नितवाल ने बताया कि कम लोड फैक्टर देने पर लंबे रूट की बसों के परिचालकों अतहर उस्मानी, भगत सिंह, ब्रजपाल सैनी, राजेंद्र सिंह, सुनील कुमार, अनिल कुमार प्रथम, अनिल कुमार तृतीय, मो. उमर, वचन सिंह को उनके रूटों से हटा दिया गया है।
नितवाल ने कहा कि समय संचालन और समयपाल को इन सभी परिचालकों को लोकल रूटों पर भेजने के आदेश दिए गए हैं। लगातार कम लोड फैक्टर देने वाले परिचालकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। डिपो प्रभारी नितवाल ने बताया कि इस माह बरेली रूट पर चलने वाली बस का लोड फैक्टर सर्वाधिक 95 फीसद तक आया है।