प्रशासन और परिवहन विभाग की सख्ती का ई रिक्शा चालकों पर असर हुआ है। 20 दिन में 240 चालकों ने आवेदन कर परिवहन विभाग से लर्निंग लाइसेंस हासिल कर लिया है। इसके अलावा 64 वाहनों को परमिट भी जारी हो गया है। काशीपुर में केवल 255 ई रिक्शा को ही परमिट दिया जाना है।
दरअसल क्षेत्र में डेढ़ हजार से अधिक ई रिक्शा सड़कों में दौड़ रहे हैं। रिक्शा चालकों की दो यूनियनें भी हैं। गिनती के ई रिक्शा को छोड़कर बाकी वाहन चालकों के पास परमिट और लाइसेंस नहीं है। परिवहन विभाग ने अवैध ई रिक्शा पर डंडा चलाना शुरु किया तो गुस्साए चालकों ने डेढ़ दिन तक संचालन ठप रखा। बीते 9 अगस्त को एसडीएम, एआरटीओ और ई रिक्शा चालकों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। जिसमें ई रिक्शा चालकों को लाइसेंस बनवाने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई थी।
स्थानीय व्यक्तियों के ही ई रिक्शा का पंजीकरण कराने पर सहमति बनी थी। वार्ता से पहले तक लाइसेंस बनवाने से गुरेज करने वाले ई रिक्शा चालकों के आवेदन विभाग के पास पहुंचना शुुरु हो गए। एआरटीओ प्रशासन अनीता चंद ने बताया कि 9 अगस्त को हुई वार्ता के बाद अभी तक 264 चालकों के लर्निंग लाइसेंस बनाए जा चुके हैं। जिनमें 240 काशीपुर और 24 बाजपुर के हैं। काशीपुर में 64 ई रिक्शा को परमिट जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जो चालक लाइसेंस बनवा रहे हैं, वो परमिट के लिए भी आवेदन करेंगे ही। काशीपुर को 255, बाजपुर को 120 और जसपुर को 130 परमिट जारी किए जाने हैं।