खटीमा। उत्तराखंड पेयजल निगम की ओर से बिछाई जा रही भूमिगत लाइन से उत्तराखंड जल संस्थान की भूमिगत पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। असावधानी से किए जा रहे इस कार्य से बड़ी संख्या में पेयजल उपभोक्ताओं को जलापूर्ति से वंचित रहना पड़ रहा है। उत्तराखंड जलसंस्थान के अपर सहायक अभियंता ने भूमिगत लाइन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पेयजल निगम के अधिकारियों को दी है।
उत्तराखंड संस्थान के ग्राम भैसहा जमौर स्थित ओवरहेड टैंक से उत्तर प्रदेश सीमा से लगे मझोला, पोलिगंज, खुदागंज, जमौर, भगचुरी, हल्दी घेरा, भैंसहा जमौर, बरि अंजनिया, टेड़ाघाट, चंदेली, पुरनापुर, चारुबेटा आदि ग्रामों के उपभोक्ता जलापूर्ति से वंचित हैं। नगर से लगे ग्राम चारुबेटा और मुडेली, यूपी से लगी सीमा पोलिगंज के उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें पिछले माह से पानी नहीं मिल पा रहा है।
जमौर स्थित जल संस्थान के ओवरहेड टैंक से भूमिगत लाइन लीक होने पर खटीमा की ओर के उपभोक्ताओं की जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। शिकायत के बाद भी समस्या नहीं सुलझ रही है। - केएन जोशी।
ओवरहेड टैंक से यूपी (नीचे) की तरफ होने से बिना लीकेज बंद हुए खटीमा (ऊंचाई) की तरफ पानी नहीं चढ़ पा रहा है। लगभग एक माह से अधिक समय हो चुका पानी नहीं मिल रहा है। - हिमांती जोशी।
लगभग एक माह से अधिक हो चुका है। यूपी की तरफ लीकेज बताई जा रही है। पानी ऊंचाई की तरफ नहीं चढ़ पा रहा है। लगातार शिकायत का कोई असर नहीं हो पा रहा है। - जीसी भट्ट।
लगातार शिकायतों के बाद भी उत्तराखंड जल संस्थान जलापूर्ति देने में असमर्थ है। यूपी की तरफ भूमि लाइन लीक होने से खटीमा की तरफ के उपभोक्ताओं को जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। - जानकी जोशी।