गूलरभोज। विधायक परिसर में बने कैंप कार्यालय को सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के मामले में तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण ध्वस्त करने का नोटिस दिया था। इससे भाजपा में सियासी टकराव का माहौल बना हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सांसद, पौड़ी सांसद अनिल बलूनी और विधायक मदन कौशिक के आने की सूचना पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय समर्थक बृहस्पतिवार को उनके आवास पर एकत्र हुए।
विधायक पांडेय ने कार्यकर्ताओं को कहा कि वह आज जिस मुकाम पर खड़े हैं वह सब भाजपा की देन है। कहा कि जब तक मैं जिंदा हूं गरीब और निर्बल वर्ग की लड़ाई लड़ता रहूंगा, यही पार्टी का सिद्धांत है और यही उन्होंने सीखा है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उनको जानकारी हुई की पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद अनिल बलूनी और विधायक मदन कौशिक उनके आवास पर आ रहे हैं। कुछ समय से कुछ नेताओं ने उन्हें भू माफिया, अतिक्रमणकारी घोषित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। उनका भी साधुवाद है। अतिक्रमण पर प्रशासन की कार्रवाई में वह बाधक नहीं बनेंगे बल्कि सहयोग ही करेंगे।
सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की सीबीआई से जांच कराए सरकार
अरविंद पांडेय ने कहा कि उन्होंने कभी निजी स्वार्थ के लिए काम नहीं किया। सुखवंत सिंह आत्महत्या कांड को भी उन्होंने लोगों के सामने रखा और कहा कि उसकी वीडियो देखकर और उसकी मांग को देखते हुए उन्होंने भी उस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की। यह जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका हक था।
नेताओं को किसी भी कंट्रोवर्सी में नहीं फंसना चाहते
विधायक पांडेय ने कहा कि उन्होंने स्वयं ही पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद अनिल बलूनी और मदन कौशिक से वार्ता कर उन्हें आने से मना किया। वह अपने नेताओं को किसी भी कंट्रोवर्सी में नहीं फंसना चाहते हैं। वह किसी भी कीमत पर किसी भी गरीब का आशियाना उजड़ने नहीं देंगे।