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Uttarakhand: अब ई-रिक्शा भी हैक...शरारती युवक मोबाइल एप से बीच सड़क रोक रहे वाहन, 40 रिक्शा हुए बंद

Fri, 03 Jul 2026 12:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

रुद्रपुर में कुछ शरारती युवक ब्लूटूथ मोबाइल एप के जरिए चलते ई-रिक्शों की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) को हैक कर पावर सप्लाई बंद कर दे रहे हैं, जिससे वाहन बीच सड़क पर अचानक ठप हो जाते हैं। मंगलवार को 40 से अधिक ई-रिक्शा इस शिकार हुए।
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विस्तार
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रुद्रपुर शहर में ई-रिक्शा चालकों के सामने एक नई तकनीकी चुनौती खड़ी हो गई है। आरोप है कि कुछ शरारती युवक ब्लूटूथ आधारित मोबाइल एप का दुरुपयोग कर चलते ई-रिक्शों की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) से कनेक्ट हो रहे हैं और पावर सप्लाई बंद कर वाहन बीच सड़क में रोक दे रहे हैं। इससे चालक ही नहीं सवारियों की जान भी जोखिम में पड़ रही है।

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मंगलवार को ट्रांजिट कैंप की तरफ जाने वाले 40 ई-रिक्शा अपने आप से बंद हो गए। कड़ी मशक्कत के बाद चालकों ने उसे सही करवाया। इस दौरान कई चालकों को सवारियां उतारनी पड़ रहीं हैं और कई रस्सी से खींचकर सवारी ले जा रहे हैं। ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि वाहन चलते समय अचानक मोटर और हेडलाइट बंद हो जाती है। कई बार पीछे से तेज रफ्तार बस या ट्रक आने पर हादसे की आशंका पैदा हो जाती है। वाहन दोबारा चालू कराने के लिए उन्हीं लोगों की मदद लेनी पड़ती है जिनके पास यह एप मौजूद होता है।

चालकों ने बताया कि सुरक्षा के लिए उन्होंने बीएमएस में पासवर्ड भी बदला लेकिन कुछ लोग उसे रीसेट या बाईपास कर देते हैं। उनका कहना है कि यह केवल शरारत नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तथा बैटरी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कराने की मांग की है।
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ऐसे हो रहा है पूरा खेल
-कई ई-रिक्शों में ब्लूटूथ आधारित स्मार्ट लिथियम बैटरी और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) लगे होते हैं।
-तकनीकी जानकारों के अनुसार समस्या वहां पैदा होती है जहां बैटरी का डिफॉल्ट ब्लूटूथ पासवर्ड नहीं बदला जाता या कमजोर होता है।
-ऐसे में 10 से 15 मीटर की दूरी पर मौजूद कोई भी व्यक्ति ऐप के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर ''''डिस्चार्ज ऑन/ऑफ'''' फीचर का इस्तेमाल कर मोटर की पावर सप्लाई बंद कर सकता है। इससे ई-रिक्शा अचानक सड़क पर रुक जाता है।

क्या है बैट-बीएमएस एप
बैट-बीएमएस कोई हैकिंग सॉफ्टवेयर नहीं बल्कि ब्लूटूथ सपोर्ट वाली लिथियम-आयन बैटरियों की निगरानी के लिए बनाया गया सामान्य बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ऐप है। इसके माध्यम से बैटरी का वोल्टेज, तापमान, चार्जिंग स्तर और करंट जैसी जानकारी देखी जा सकती है। इसी ऐप में मौजूद ''''डिस्चार्ज ऑन/ऑफ'''' विकल्प का दुरुपयोग कर कुछ लोग ई-रिक्शों की बिजली आपूर्ति बंद कर रहे हैं।

क्या यह साइबर हैकिंग है?
विशेषज्ञों के अनुसार यह किसी बड़े साइबर हैक का मामला नहीं बल्कि कमजोर सुरक्षा सेटिंग्स का फायदा उठाने का मामला है। जिन बैटरियों में मजबूत एन्क्रिप्शन और सुरक्षित पेयरिंग सिस्टम नहीं है वे अधिक संवेदनशील हैं। वहीं प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों और प्रतिष्ठित कंपनियों के इलेक्ट्रिक स्कूटरों में एन्क्रिप्टेड प्रोप्रायटरी बीएमएस होने के कारण इस तरह का खतरा नहीं माना जाता।

चालकों के लिए क्या है बचाव
तकनीकी विशेषज्ञों का सुझाव है कि जिन ई-रिक्शों में ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरी लगी है, उनके मालिक अधिकृत डीलर या सर्विस सेंटर से डिफॉल्ट ब्लूटूथ पासवर्ड तुरंत बदलवाएं और मजबूत सुरक्षा कोड सेट कराएं। इससे किसी बाहरी व्यक्ति के लिए बैटरी से बिना अनुमति कनेक्ट होना कठिन हो जाएगा।

अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -विभव सैनी, सीओ

इनका दर्द...
बृहस्पतिवार की दोपहर सवारी लेकर ट्रांजिट कैंप गया था लेकिन मछली मार्केट तक पहुंचते ही ई-रिक्शा अचानक से बंद हो गया। बड़ी मुश्किल से एप के माध्यम से वाहन शुरु किया। - शिवम, तीनपानी रोड रुद्रपुर

कल मेरा ई-रिक्शा तीन से चार बार बंद हुआ जिसके कारण सवारी को रास्ते में उतारना पड़ा और रस्सी से खींचकर ई-रिक्शा को एजेंसी तक लेकर गया और फिर चालू किया। इसके कारण आर्थिक नुकसान भी झेलने पड़ा। - शिवा, फुलसुंगा रुद्रपुर

सवारियां लेकर सड़क पर चल रहे होते हैं और अचानक रिक्शा बीच रास्ते में बंद हो जाता है। मंगलवार को ट्रांजिट कैंप के 40 ई-रिक्शा बंद हुए थे। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - मोनू, भूरारानी रुद्रपुर

बुजुर्ग चालकों को बहुत दिक्कत हो रही है। युवा तो एप की मदद से उसे ठीक कर रहे लेकिन हमें तो उसके बारे में कोई जानकारी भी नहीं है। - चंद्रपाल, ट्रांजिट कैंप

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