काशीपुर। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) काशीपुर में एक्जीक्यूटिव एमबीए (ईएमबीए) 2026-28 बैच के उद्घाटन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान ने विभिन्न क्षेत्रों से आए 24 कार्यरत पेशेवरों का स्वागत किया। नवप्रवेशी बैच के प्रतिभागियों का औसत उद्योग अनुभव सात वर्ष तीन माह है, जो मध्य-कैरियर पेशेवरों को गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा उपलब्ध कराने की संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नए बैच में 17 पुरुष और सात महिला प्रतिभागी शामिल हैं। महिला प्रतिभागियों की हिस्सेदारी 29.2 प्रतिशत है। यह बैच भौगोलिक विविधता का भी परिचायक है। प्रतिभागी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित सात राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आए हैं। इनमें उत्तराखंड के 33.3 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश के 29.2 प्रतिशत, दिल्ली-एनसीटी के 16.7 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल के 8.3 प्रतिशत तथा ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक से एक-एक प्रतिभागी शामिल हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 14 प्रतिभागी (58.3 प्रतिशत) इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी से हैं। इसके अलावा कला एवं मानविकी, विधि, विज्ञान, कंप्यूटर एप्लीकेशन, प्रबंधन और वाणिज्य जैसे विषयों से भी प्रतिभागियों ने प्रवेश लिया है।
आईआईएम काशीपुर के निदेशक प्रो. नीरज द्विवेदी ने कहा कि अनुभव के साथ कई पूर्वधारणाएं और सीमाएं भी जुड़ी होती हैं। यह कार्यक्रम केवल कार्यात्मक विशेषज्ञ तैयार करने के लिए नहीं, बल्कि ऐसे नेतृत्वकर्ता विकसित करने के लिए है जो नई सोच अपनाने और पुरानी मान्यताओं से आगे बढ़ने का साहस रखें।
संस्थान के डीन (विकास) एवं कार्यकारी शिक्षा के अध्यक्ष प्रो. कुणाल गांगुली ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रतिभागियों की सोच को व्यापक और नेतृत्व क्षमता को अधिक प्रभावी बनाना है।