बाइक सवारों ने दिनदहाड़े शराब के सेल्समैन से तमंचे के बल पर सवा लाख रुपये लूट लिए। शहर के बीच हुई लूट की इस घटना से जहां लोगों में दहशत है, वहीं पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पास में ही लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जिसमें तीन बाइक सवार युवक घटना को अंजाम देने के बाद भागते हुए नजर आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस फुुटेज के आधार पर लुटेरों को चिंहित करने में जुट गई है।
आवास विकास हल्द्वानी निवासी लोकेश सनवाल लंबे समय से रुद्रपुर की अटरिया रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान में बतौर सेल्समैन काम करता है। सोमवार को लोकेश को दुकान के एक लाख तीस हजार रुपये बैंक में जमा करना था। दोपहर को लोकेश ने दुकान से कैश जमा किया और टुकटुक में बैठकर आवास विकास स्थित कॉरपरेशन बैंक जमा करने के लिए रवाना हो गया। लोकेश बैंक के पास टुकटुक से उतरा तो नैैनीताल रोड की तरफ से एक ही बाइक पर सवार होकर तीन युवक आये और लोकेश के कंधे में टंगा बैंग छीनने लगे।
लोकेश ने जब बाइक सवारों का विरोध किया तो एक बाइक सवार ने लोकेश की कनपट्टी पर तंमचा रखा जिसके डर से लोकेश ने बैग छोड़ दिया। लुटेरे रुपयों से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गये। लुटेरों ने अपने चेहरे को कपड़े से ढक रखा था जिसके चलते लोकेश उनकी पहचान भी नहीं कर पाया। घटना के बाद से क्षेत्र में हड़कंप मच गया इसी दौरान सूचना पर पहुंची ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन लुटेरों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
क्षेत्र में ही लगे एक सीसीटीवी की फुटेज में बाइक सवार लुटेरे घटना को अंजाम देने के बाद भागते नजर आ रहे हैं, जिसके आधार पर पुलिस लुटेरों को चिंहित करने में जुट गई है। मामले को लेकर एएसपी देवेंद्र पिंचा का कहना है कि सीसीटीवी में बाइक सवार लुटेरे दिखे हैं। लेकिन लुटेेेेरों के मुंह ढके होने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। लुटेरों को चिंहित करने के लिए पुराने अपराधियों का रिकार्ड खंगालने के साथ ही अन्य कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी काम किया जा रहा है। एसओजी के साथ ही दो पुलिस की टीमें भी लुटेरों की धरपकड़ में लगा दी गई हैं।
सीपीयू की सजगता पर भी उठे सवाल
आवास विकास क्षेत्र में तमंचे की नोक पर दिनदहाड़े की गई लूट ने जहां पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी हैं, वहीं सीपीयू की सजगता पर भी सवालिया निशान लगा दिये हैं। घटनास्थल शहर का व्यस्ततम क्षेत्र है और यहां पर ट्रैफिक का दबाव भी अधिक रहता है। इसके बाबजूद सीपीयू यहां पर मौजूद नहीं थी। अगर सीपीयू क्षेत्र में गस्त कर रही होती तो एक ही बाइक पर बिना हेलमेट के सवार होकर आये तीन लुटेरे पहले ही सीपीयू के हत्थे चढ़ जाते और लूट की वारदात नहीं होती।