रुद्रपुर। सिडकुल की स्थापना के 20 साल बाद पहली बार श्रम विभाग ने श्रमिक सप्लाई करने वली दो फर्म का लाइसेंस रद्द किया है। बीते चार अप्रैल को रुद्रपुर में विधायक सुमित हृदयेश और कांग्रेस नेता हरीश पनेरू ने अशोक लेलैंड में श्रमिक उपलब्ध करा रहे ठेकेदारों पर आरोप लगाकर फर्मों के साथ ही श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाए थे कि अशोक लेलैंड कंपनी में श्रमिक उपलब्ध करा रहे कई ठेकेदार श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। आरटीआई के माध्यम से जवाब मिला कि किसी और कार्य के लिए पंजीकृत फर्म कर्मचारियों से दूसरा काम करा रही है। आरोप लगाए थे कि ठेका फर्म ने फर्जी तरीके से सैकड़ों डिप्लोमाधारियों को स्थायी नौकरी का आश्वासन देकर वर्ष 2015 से 2021 तक चार साल के लिए कंपनी में सीनियर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया था। चार साल बाद उन्हें हटा दिया गया, जबकि फर्म इन पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकृत ही नहीं थी। फर्म केवल लोडिंग-अनलोडिंग के लिए पंजीकृत है। कंपनी के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। कांग्रेस नेता हरीश पनेरु ने बताया कि अन्य ठेका फर्म भी किसी और कार्य के लिए पंजीकृत हैं। विधायक व कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद श्रमायुक्त ने मामले की जांच बैठाई थी। सहायक श्रमायुक्त प्रशांत कुमार ने बताया कि मैन पावर सप्लाई करने वाली संस्था रेड रैम मैनपावर और लायम फ्लैक्सी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। सिडकुल में श्रमिक सप्लाई करने वाली संस्थाओं के खिलाफ पहली बार कार्रवाई की गई है।