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Udham Singh Nagar News: पहाड़ के काश्तकारों की पहली पसंद बन रहा कुफरी ज्योति आलू बीज

Mon, 05 Oct 2026 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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काशीपुर। राजकीय प्रजनन उद्यान काशीपुर में तैयार हो रहे कुफरी ज्योति प्रजाति के आलू बीज की मांग इस बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। पर्वतीय जिलों से मिल रही भारी मांग के कारण विभाग को अतिरिक्त ऑर्डर लेने पड़ रहे हैं। पिथौरागढ़ के मुनस्यारी-मदकोट, टिहरी, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, नैनीताल और पौड़ी जिलों से लगातार मांग आ रही है। इस बार 40 प्रतिशत अधिक मांग दर्ज की गई है।
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राजकीय प्रजनन उद्यान काशीपुर की उपनिदेशक यामिनी सनवाल ने बताया कि कुफरी ज्योति की कई विशेषताएं इसे किसानों की पहली पसंद बनाती हैं। इस प्रजाति की फसल 90 से 110 दिन में तैयार हो जाती है और प्रति हेक्टेयर 300 क्विंटल तक उत्पादन देती है। पछेती झुलसा रोग के प्रति सहनशील होने से पहाड़ के प्रतिकूल मौसम में भी फसल सुरक्षित रहती है। भंडारण क्षमता अधिक होने से किसान लंबे समय तक इसका बीज सुरक्षित रख सकते हैं।
उन्होने बताया कि सफेद छिलका और स्वाद अच्छा होने से बाजार में भी इसकी कीमत अच्छी मिलती है। उद्यान प्रभारी ने बताया कि काशीपुर में पंजाब के जालंधर और मोदीपुरम से लाए आधार बीज से उच्च गुणवत्ता का प्रमाणित बीज तैयार किया जा रहा है। कोल्ड स्टोर में भंडारित एफ-1 और आधार श्रेणी के बीज को जनपद स्तरीय उद्यान सचल दल केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जा रहा है। किसानों को इस पर विभागीय अनुदान भी दिया जा रहा है। संवाद
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इन आलुओं के बीज की भी हैं मांग
कुफरी हिमालिनी - विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विकसित। पछेती झुलसा रोग के प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता। पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी के लिए सबसे अनुकूल।
कुफरी स्वाति - अगेती किस्म, कम अवधि में तैयार होने वाली। अच्छी भंडारण क्षमता।
कुफरी नीलकंठ - बैंगनी छिलके वाली विशेष किस्म, पोषक तत्वों से भरपूर।
शुगर फ्री सूर्या (नई पहल) - कम शर्करा वाली विशेष किस्म, शुगर के मरीजों के लिए उपयोगी। विभाग की ओर से वर्तमान में इसके उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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