रुद्रपुर। चर्चित दरोगा रजत कसाना को लेकर पुलिस अफसरों में चल रहा शीत युद्ध बढ़ सकता है। एसएसपी ने भी कसाना के खिलाफ चल रही सभी जांचें पूरी होने तक उन्हें रिलीव नहीं करने का पत्र भी डीआईजी को लिख दिया है। प्रॉपर चैनल के अपनाने के बजाय सीधे डीआईजी से तबादला कराना भी कसाना के गले की फांस बन सकता है। मामले को भी गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने जांच बैठा दी है।
दरअसल दिनेशपुर के एसओ रहे रजत कसाना अनुशासनहीनता के आरोप मेें लाइन हाजिर चल रहे हैं, लेकिन लाइन हाजिर होने के 24 घंटे के भीतर डीआईजी के आदेश से अनुकंपा के आधार पर उनका तबादला नैनीताल हो गया। लाइन हाजिर होने के साथ ही पांच विभागीय जांचें चलने के बावजूद कसाना के तबादले से खुद एसएसपी भी हैरान रह गए थे। बताया जा रहा है कि कसाना का तबादला कराने में पुलिस के एक बड़े अफसर की अहम भूमिका रही है। एसएसपी द्वारा कसाना के खिलाफ कराई जा रही जांचों से उन्हें कोई दिक्कत नहीं हो, इसलिए अनुकंपा के बहाने से कसाना का तबादला भी दूसरे जिले में कर दिया गया। अनुशासनहीनता के आरोप में लाइन हाजिर होने के बाद भी तबादला कराने में सफल रहे कसाना को लेकर पुलिसकर्मियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि सभी जांचे पूरी होने तक उन्होंने रजत कसाना को रिलीव नहीं करने का पत्र डीआईजी को भेजा है। अनुकंपा के आधार पर आवेदन उनके स्तर से डीआईजी के पास जाना चाहिए थे, लेकिन नियमविरुद्ध रजत कसाना ने उनकी जानकारी में प्रकरण को लाए बिना कैसे डीआईजी से संपर्क किया, इसकी जांच भी एएसपी से कराई जा रही है। जब से उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला है, तबसे आज तक कभी कसाना ने उन्हें बीमारी के चलते तबादला कराने का आवेदन नहीं दिया।