पश्चिम बंगाल, कोलकाता की एक कंपनी ऊधमसिंह नगर और यूपी के बरेली व पीलीभीत जिले के सैकड़ों लोगों से आरडी एवं एफडी खातों के नाम पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गई। इससे आक्रोशित खाताधारकों ने कंपनी के एरिया इंचार्जों को पकड़ लिया और कोतवाली लाकर पुलिस के हवाले कर दिया। खाताधारकों का कहना था कि पिछले दो साल से कंपनी बंद होने के बाद भी एरिया इंचार्ज व मैनेजर खाताधारकों से पैसे की उगाही करते रहे।
शनिवार को चोरगलिया बाईपास पर एक होटल में कोलकाता (पश्चिम बंगाल) की सन हैवन एग्रो इंडिया लिमिटेड कंपनी के शक्तिफार्म निवासी और पश्चिम बंगाल के एरिया इंचार्ज को आरडी (डेलीवेज खाता) और एफडी (फिक्स डिपोजिट) के नाम पर वसूले गए पैसा वापस करने की मांग को लेकर खाताधारकों ने घेर लिया। खाताधारकों का आरोप था कि वर्ष 2009 से एरिया इंचार्ज और शक्तिफार्म के ही ब्रांच मैनेजर के साथ मिलकर आरडी व एफडी के खाते खोल रहे थे। लगभग 700 एजेंटों में सिर्फ 100 लोगों ने खाते खुलवाए। वर्ष 2013 तक इन खाताधारकों से आरडी एफडी खातों के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली की। इसके बाद कंपनी के पैसा लेकर भागने पर तीनों ने कोलकाता की दूसरी कंपनी से खातों का टाई-अप होने की बात कहते हुए पैसे की वसूली जारी रखी। खाताधारकों को ठगी का एहसास होने पर उन्होंने प्रबंधक व एरिया इंचार्जों से खातों में जमा किए पैसे वापस मांगे। लेकिन, तीनों खाताधारकों को टरकाते रहे। खाताधारकों ने दोनों एरिया इंचार्जों को पकड़कर कोतवाली में पुलिस के हवाले कर दिया और करोड़ों रुपये की ठगी करने के आरोप में तहरीर दे दी। कोतवाल चन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि एरिया इंचार्जों से पूछताछ की जा रही है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।