कोरोना काल में बिना सुरक्षा किट के जान जोखिम में डालकर घर-घर सर्वे का कार्य कर रही आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को लेकर अमर उजाला की खबर का असर हुआ है। डीएम ने खबर का संज्ञान लेकर सभी एसडीएम को आपदा मद से दिए बजट से कार्यकर्ताओं को पीपीई किट, मास्क सहित अन्य सामान मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं। किच्छा में एसडीएम ने 56 आशाओं के साथ ही पटवारी और ग्राम प्रधानों को सुरक्षा किट मुहैया करा दी है। सोमवार को किच्छा में ग्रामीण क्षेत्रों की आशाओं के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को किट दी जाएगी।
अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में बिना हथियार युद्ध में उतार दिए सिपाही और रविवार के अंक में आशाओं पर है बड़ी जिम्मेदारी संक्रमण से बचाने की नहीं है तैयारी शीर्षक से खबरें प्रकाशित की थी। इसमें बिना सुरक्षा किट के जोखिम भरे कार्य कराने को लेकर कार्यकर्ताओं की पीड़ा को प्रकाशित किया गया था। शुक्रवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने खबर का संज्ञान लेकर अपनी विधानसभा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुरक्षा किट वितरित की थी। डीएम रंजना राजगुरू ने भी कोरोना योद्धाओं को किट उपलब्ध कराने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए हैं। किच्छा एसडीएम नरेश दुर्गापाल ने बताया कि उन्होंने शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं के साथ ही 28 प्रधान और नौ पटवारियों को सुरक्षा किट दी हैं।
स्वास्थ्य विभाग और महिला सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को फील्ड में काम कर रही कार्यकर्ताओं को सुरक्षा किट देनी चाहिए थी। सभी एसडीएम को आपदा मद से दिए बजट से आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुरक्षा किट देने के निर्देश दिए गए हैं। किच्छा एसडीएम ने शहरी क्षेत्रों की आशाओं को किट दे दी है। रंजना राजगुरू, डीएम।