भारत-नेपाल सीमा से लगे खेलड़िया ग्राम पंचायत में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया और करीब दस एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद कर दी है। तीन दर्जन से अधिक संख्या में आए हाथियों ने एक दर्जन से अधिक किसानों की फसलों को रौंद दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले कम संख्या में आए हाथियों की सूचना वन विभाग को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
खेलड़िया गांव में शुक्रवार रात्रि करीब 11 बजे तीन दर्जन से अधिक हाथियों ने गेहूं की फसल को चौपट कर दिया। हाथियों के आने की आहट के बाद ग्रामीणों ने आग जलाने सहित ड्रम बजाकर और शोर मचाकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया। बावजूद इसके करीब एक घंटे के प्रयास के बाद ही हाथी खेतों से बाहर निकले।
हाथियों ने गोपाल सिंह बोरा, दीवान सिंह सेल्ला, नरेश मेलकानी, मनोज जोशी, नारायण सिंह, अर्जुन सिंह खोलिया, हयात सिंह, हरि सिंह, कैलाश सिंह, नंदा बल्लभ जोशी, बहादुर सिंह, शंकर दत्त जोशी, गोपाल दत्त जोशी आदि की फसलों को नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के आतंक की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे किसान नेता प्रकाश तिवारी ने नुकसान का जायजा लिया और वनकर्मियों से बातचीत कर किसानों की फसलों को बचाने के उपाय करने को कहा। ग्रामीणों का कहना था कि पिछले कई दिनों से हाथी आ रहे थे और उन्हें भगा दिया जाता था, लेकिन पिछले दो दिनों से इनकी तादाद अचानक बढ़ जाने से उन्हें भगाना भी मुश्किल हो गया। है। इस संबंध में वन विभाग को अवगत कराया गया था।