खटीमा। जंतर-मंतर (नई दिल्ली) में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए आंदोलन और भूख हड़ताल से राष्ट्रीय स्तर सुखिर्याें में आई खटीमा निवासी नेहा बोरा अब जेन-जी का बड़ा चेहरा बन चुकीं हैं। नेहा आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ ही थियेटर ग्रुप से भी जुड़ी हैं। आंदोलन के बाद उनकी राजनीतिक पहचान भी मजबूत हुई है।
नेहा का परिवार मूलरूप से पिथौरागढ़ जिले का रहने वाला है। उनके पिता सेना में कर्नल और माता गृहणी हैं। खटीमा निवासी नेहा के ममेरे चाचा राजेंद्र सिंह ने बताया कि पिता के सेना में कर्नल होने की वजह से नेहा की शिक्षा बाहर ही हुई। नेहा का एक छोटा भाई भी है जो वर्तमान में पढ़ाई कर रहा है। नेहा का परिवार 80 के दशक में पिथौरागढ़ से खटीमा के बिगराबाग गांव में आकर बस गया था। यहीं नेहा का जन्म हुआ था। उन्होंने बताया कि नेहा के पिता वर्तमान में चंडीगढ़ में तैनात हैं। बरेली और लखनऊ में भी उनके मकान हैं। परिवार अब खटीमा में नहीं रहता है। साल या डेढ़ साल में वह अपने मकान और खेती को देखने यहां आते हैं।