राशन कार्ड, भवन, जॉब कार्ड वालों को रोजगार व अन्य मसलों पर खड़कपुर देवीपुरा के ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट पड़ा। विरोध में सैकड़ों ग्रामीण ने बच्चों को साथ लेकर विकास खंड कार्यालय पर धावा बोल दिया और परिसर के भीतर ही बीडीओ को बंधक बना लिया।
सूचना पर पहुंचे एसडीएम पीएस राणा ने ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया।
समीपवर्ती गांव खड़कपुर देवीपुरा के महिला पुरुष बृहस्पतिवार को वाहनों में भरकर विकास खंड कार्यालय पहुंचे। इस दौरान महिलाओं ने बीडीओ को घेरकर अपनी समस्या रखी।
निदान नहीं होने पर ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। उन्होंने विकास खंड परिसर के भीतर ही बीडीओ को बंधक बना लिया और करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। उनका कहना था कि मौजूदा प्रधान बने हुए राशन कार्डों को अपने पास रख रहा है। आरोप है कि जॉब कार्ड होने के बाद भी लोगों को रोजगार से दूर किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, कागजों में ही इंदिरा आवास बना कर ग्रामीणों के सिर से अधिकारी छत छीनने का प्रयास कर रहे हैं। बीडीओ के बंधक बनाए जाने की सूचना पर एसडीएम राणा मौके पर पहुंचे। हालात यह हो गए कि ग्रामीणों को समझाने आए ब्लाक के अन्य अधिकारियों व लोगों के बीच जमकर धक्कामुक्की हुई।
मामला बढ़ने पर आईटीआई थाने से पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। इसके बाद बीडीओ को ग्रामीणों से छुड़ाया। इस मौके पर एसडीएम राणा ने शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्या को दूर करने के आश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। इस मौके पर कुलमीत सिंह, उदयराज सिंह, रामवती, बलविंदर सिंह, कुंवर सैन, मुकेश कुमार, सावित्री देवी, विमला देवी, रेखा देवी आदि मौजूद थीं।