काशीपुर। मां भगवती बाल सुंदरी देवी का डोला भक्तों के भारी जुलूस के साथ चैती मैदान स्थित मां बाल सुंदरी मंदिर पहुंचा। मंदिर परिसर में दर्शनों के लिए मौजूद श्रद्धालुओं में मां भगवती के जायकारों से डोले का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पूजा अर्चना व धार्मिक अनुष्ठान के साथ देवी मूर्ति को मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित करके सार्वजनिक दर्शनों के लिए द्वार खोल दिए गए।
उत्तर भारत का प्रसिद्ध ऐतिहासिक मां बाल सुंदरी देवी का चैती मेला ध्वजारोहण के साथ 22 मार्च से शुरु हो गया था, लेकिन मां भगवती की मूर्ति का डोला चैत्र नवरात्र की सप्तमी की देर रात और अष्टमी की तड़के मां बाल सुंदरी देवी मंदिर पहुंचा।
इससे पहले मोहल्ला कानूनगोयान स्थित पंडा आवास पर पंडित दयाशंकर जोशी ने मां भगवती की रात 12 बजे से पूजा-अर्चना शुरू की। इस दौरान मां भगवती को जायफल व नारियल की बलि दी गई। रात लगभग तीन बजे देवी का डोला धूमधाम के साथ नगर मंदिर से चैती मंदिर के लिए रवाना हुआ। गाजे-बाजे व ढोल नगाड़ों के बीच सहायक प्रधान पंडा मनोज कुमार अग्निहोत्री नगर मंदिर से हजारों भक्तों की मौजूदगी में देवी की स्वर्ण मूर्ति को पालकी रूपी डोले में लेकर चैती मेला भवन पहुंचे। रास्ते में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और आतिशबाजी करके डोले का स्वागत किया। मां बाल सुंदरी पांच दिन चैती मंदिर में विराजमान रहने के बाद वापस 4-5 अप्रैल की मध्य रात वापस नगर मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगी।
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बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा
मां भगवती का डोला मोहल्ला कानूनगोयान स्थित नगर मंदिर से शुरू होकर मां मनसा देवी रोड, मुख्य बाजार नगर, निगम रोड, महाराणा प्रताप चौक से तीर्थ द्रोणा सागर के पीछे टीले वाली सड़क से होकर चैती मंदिर पहुंचा। मंदिर में श्रद्धालुओं को मां के दर्शन सुलभ तरीके से हो इसके लिए काफी संख्या में फोर्स तैनात की गई है। वहीं डोला की सुरक्षा के लिए मेला मजिस्ट्रेट व उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह, तहसीलदार युसूफ अली, एसपी अभय सिंह, सीओ वंदना वर्मा पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। यहां पर पंडा वंश गोपाल अग्निहोत्री, पंडा विकास अग्निहोत्री, पंडा कृष्ण गोपाल अग्निहोत्री, विकास शर्मा खुट्टू, आनंद प्रधान, पार्षद अनिल कुमार, मुकेश शर्मा, सम्राट गिरी आदि मौजूद रहे।