प्रदेश के एकमात्र नगर निगम काशीपुर की ओर से भूमि और आवास खरीद फरोख्त पर दो प्रतिशत नामांतरण शुल्क वसूला जाता है। इससे निगम को सालाना 80 लाख की आय होती है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने सचिव शहरी विकास को तीन दिन में नामांतरण शुल्क समाप्त करने का निर्देश दिया है।
मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में नगर निगम काशीपुर एक मात्र स्थानीय निकाय है। जिसमें नामांतरण शुल्क वसूला जा रहा है। जो उचित नहीं है। कुछ माह पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राम मेहरोत्रा ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के काशीपुर आगमन पर उनसे कहा कि काशीपुर एक मात्र नगर निगम है। जिसमें दाखिल खारिज के लिए नामांतरण शुल्क दो प्रतिशत वसूला जाता है। उन्होंने उस समय अधिकारियों को नामांतरण शुल्क वसूली रद्द करने की कार्रवाई आरंभ करने का निर्देश दिया था। लेकिन अधिकारियों ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
नामांतरण शुल्क समाप्त करने का मामला काफी पेचीदा है। यह नगर निगम के अधिकार और नगर विकास से जुड़ा मामला है। निगम के कानूनी अधिकारों का शासन स्तर पर अध्ययन किया जा रहा है। इस संबंध में शहरी विकास सचिव से विचार विमर्श हुआ है। नामांतरण से निगम को हो रही आय से ही निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और बिजली की व्यवस्था होती है। फिलहाल प्रशासन इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
विनीत तोमर, नगर आयुक्त/संयुक्त मजिस्ट्रेट, काशीपुर