राज्य सरकार की योजना ने अगर मूर्तरूप लिया तो काशीपुर पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरेगा। यहां से हेलीकॉप्टर पहाड़ों के लिए उड़ान भरेंगे, जिसका लाभ आम लोग उठा सकेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशीपुर में हेलीड्रम बनना प्रस्तावित है।
दरअसल दिल्ली, देहरादून सहित अन्य शहरों के लोगों को नैनीताल, भीमताल, कौशानी, जागेश्वर धाम आदि पर्यटन स्थलों पर जाने के लिए अभी सड़क मार्ग से ही जाना पड़ता है। इससे पर्यटकों का समय और पैसा अधिक लगता है। साथ ही उनकी यह यात्रा भी काफी थकान भरी होती है। राज्य सरकार का मानना है कि अगर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं दी जाएं तो कुमाऊं में पर्यटन काफी बढ़ सकता है। साथ ही कुमाऊंवासियों की आय में भी वृद्धि होगी। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार काशीपुर को पर्यटन सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने जा रही है और इस कड़ी में यहां पर हेलीड्रम बनाया जाएगा। इसके लिए एस्कार्ट फार्म में निर्माणाधीन सिडकुल क्षेत्र की 20 एकड़ भूमि को सुरक्षित रखा गया है, जहां पर हेलीड्रम बनना है। इसके बनने के बाद एक साथ कई हेलीकॉप्टर लैंड और टेकऑफ कर सकेंगे। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए गेस्ट हाउस, मार्केट, वेटिंग रूम आदि का भी निर्माण किया जाएगा। विकसित होने वाला हेलीड्रम काफी हद तक देहरादून के सहस्रधारा से मिलता जुलता होगा। योजना के मुताबिक पर्यटकों को महज पांच से सात हजार रुपये में कुमाऊं के छोटे शहरों में हेलीकॉप्टर से पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा अगर कोई पर्यटक दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून सहित अन्य शहरों के लिए हेलीकॉप्टर को किराये पर लेना चाहता तो वह भी ले सकेगा। बीते दिनों यहां पहुंचे प्रमुख सचिव राकेश शर्मा ने भी उपरोक्त की पुष्टि की थी।