रुद्रपुर। जिले में गदरपुर के शिवपुर गांव की करुणा समाज और महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं। कभी चंद पैसों के लिए मोहताज करुणा आज अन्य महिलाओं को महीने का 15 हजार रुपये दे रही हैं। लॉकडाउन में नौकरी जाने के बाद भी नहीं हारीं और सबला बनकर संघर्ष किया। इसी की बदौलत अन्य महिलाओं के लिए भी एक प्रेरक मिसाल बनी हैं।
गदरपुर के शिवपुर गांव की रहने वाली करुणा बताती हैं कि कभी वह एक छोटे से आउटलेट पर नौकरी कर अपने परिवार का गुजारा करती थीं लेकिन लॉकडाउन में उनकी नौकरी चली गई। उनके सामने घर में अनाज लाने तक का संकट खड़ा हो गया।
करीब छह साल पहले करुणा को अपने सिलाई- कढ़ाई का छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 हजार का ऋण मिल गया। फिर क्या था... काम चल पड़ा। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नही देखा। कुछ समय बाद दो लाख रुपये के सीसीएल ऋण से अपने बुटिक को विस्तार दिया। कई अन्य महिलाओं को भी काम पर रख लिया। आज करुणा की मासिक आय 50 से 60 हजार रुपये है। अन्य महिलाओं को भी 15 हजार रुपये वेतन दे रही हैं। कभी सीमित आय में अपने परिवार के लिए संघर्ष करने वालीं आज अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनकर उभरी हैं।