अंतरराष्ट्रीय कांस्य पदक विजेता कराटे प्रशिक्षक ऋषिपाल भारती ने उत्तराखंड कराटे डो फेडरेशन से निकाले जाने पर महासचिव पर गंभीर आरोप लगाए। भारती ने कहा कि महासचिव की मनमानी का विरोध करने पर चारों प्रशिक्षकों को निष्कासित किया गया है।
शुक्रवार को भारती ने बताया कि 29 से 30 जनवरी को चेन्नई में हुई जूनियर राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता में फेडरेशन के अध्यक्ष मंगतराम गुप्ता और कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया (काई) के अध्यक्ष आर. त्यागराजन के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के करीब 1500 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। इसे वर्ल्ड कराटे फेडरेशन (डब्लूकेएफ) और एशियन कराटे फेडरेशन (एकेएफ) के मान्यता प्राप्त रेफरियों ने संपन्न कराया गया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने निशुल्क प्रतिभाग किया। भारती ने उत्तराखंड कराटे डो फेडरेशन के महासचिव संजीव कुमार जांगड़ा पर आरोप लगाए कि वह प्रत्येक वर्ष खिलाड़ियों से धनराशि मनमाने तरीके से वसूलते हैं। खिलाड़ियों के भोजन की भी सुविधा नहीं देते हैं। उन्होंने, नानकमत्ता निवासी प्रशिक्षक किशोर सिंह, जसपुर के मुकेश यादव और बनबसा के बलवंत सिंह ने जब इसका विरोध किया तो उन्हें निष्कासित कर दिया गया।
चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर कराटे प्रतियोगिता ही पूरी तरह गलत थी। इसी कारण फेडरेशन की ओर इन चारों प्रशिक्षकों को निष्कासित किया गया है।
संजीव कुमार जांगड़ा, महासचिव, उत्तराखंड कराटे डो फेडरेशन
चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय जूनियर कराटे प्रतियोगिता में मेरे दिशानिर्देश में खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। उत्तराखंड कराटे डू फेडरेशन के महासचिव ने बगैर नोटिस मेरे स्थान पर अन्य को अध्यक्ष बना दिया है। इसकी शिकायत निदेशालय से की गई है।
मंगतराम गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, उत्तराखंड कराटे डू फेडरेशन