भाजपा से बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतरे राजीव अग्रवाल की रैली से भाजपा, कांग्रेस, बसपा का समीकरण बिगड़ता दिख रहा है। रविवार की रैली में हर वर्ग के लोगों के शामिल होने से तीनों पार्टियों में बेचैनी है। प्रत्याशियों ने वोट बैंक को मजबूत करने में ताकत झोंक दी है।
भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज राजीव बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे हैं। भाजपा के कई कार्यकर्ता मुखर तो कई भीतरखाने उनका समर्थन कर रहे हैं। इसके चलते पार्टी ने 12 कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता भी दिखाया है। कई और कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
चुनाव आयोग ने उनको टैंपो चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। राजीव की शक्ति प्रदर्शन रैली में उमड़ी समर्थकों की भीड़ में सबसे ज्यादा वैश्य समाज के लोग शामिल थे। पर्वतीय, मुस्लिम सहित अन्य वर्गों के लोगों की भागीदारी दिखी। पहले माना जा रहा था कि राजीव केवल भाजपा के वोट बैंक पर सेंधमारी कर रहे हैं, लेकिन रैली में शामिल हर वर्ग के लोगों की मौजूदगी ने कांग्रेस, बसपा को भी बेचैन कर दिया है। राजीव से भाजपा को नुकसान तो है ही साथ ही कांग्रेस, बसपा के वोटबैंक भी गड़बड़ा रहे हैं।