सोमवार रात और मंगलवार दोपहर तक हुई बारिश से कल्याणी नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। पहाड़ों पर होने वाली बारिश के कारण भी नदी का बहाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के किनारे बसे लोगों को फिर से अलर्ट रहने को कहा है। जिला प्रशासन की ओर से कर्मचारियों ने कल्याणी के किनारे बसी बस्तियों में लोगों से मौसम को देखते हुए शरणालयों में रहने की अपील की है। जिला प्रशासन ने आपदा को देखते हुए शहर में कई स्थानों पर शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें कुछ सरकारी स्कूलों में भी बारिश से प्रभावित लोगों के लिए रहने की व्यवस्था की गई है।
एसडीएम एपी बाजपेई ने बताया कि कल्याणी नदी का बहाव बारिश के चलते तेज हो गया है। पहले भी नदी के किनारे बसे लोगों को मुनादी करके सचेत किया था। अब भी फिर से लोगों को सचेत किया जा रहा है कि वह बरसात तक नदी के किनारों से दूर रहें ताकि किसी तरह की जानमाल का नुकसान न हो, लेकिन फिर भी कुछ लोग जबरन नदी के किनारों पर ही डेरा डाले हुए हैं। कल्याणी नदी पर कब्जे के लिए भी शहर के कुछ जनप्रतिनिधि भी दोषी हैं।
नदी के किनारों पर वर्तमान में हजारों लोग अपना कब्जा करके आशियाना बनाए हुए हैं। जैसे ही नदी का जलस्तर बढ़ता है तो लोगों के घरों में पानी घुस जाता है और फिर वह जिला प्रशासन से नुकसान को दिखाते हुए मुआवजे की मांग करते हैं। नदी के किनारे बसाई गई बस्तियों में सभी के वोटर कार्ड, राशन कार्ड बन चुके हैं। अब इस जगह को खाली कराना भी जिला प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा। उधर, नगर निगम ने अवैध रूप से कब्जा जमाए लोगों को चिन्हित किया है।