प्रथम एडीजे प्रीतु शर्मा की अदालत ने साढ़े नौ वर्ष पूर्व बाजपुर में हुई डकैती की वारदात के छह आरोपियों को 7-7 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
आठ जून 2010 की रात को बाजपुर ताली फार्म निवासी हरदीप सिंह पत्नी और बच्चों के साथ घर में सोए हुए थे। रात करीब ढाई बजे 6-7 बदमाश दरवाजा तोड़कर बेडरूम में घुस आए। चाकू और तमंचों से लैस बदमाशों ने हरदीप सिंह को बंधक बना लिया। बदमाशों ने उसके घर से 2.5 लाख की नकदी और करीब 15-16 तोले सोने के जेवरात लूट लिए। बदमाश उनके दो मोबाइल भी उठा ले गए।
मामले में हरदीप सिंह की ओर से बाजपुर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक अन्य वारदात के सिलसिले में गिरफ्तार किए बाबू उर्फ आजम, गुड्डू उर्फ उमर और नसीर अहमद से पूछताछ की तो उन्होंने हरदीप के यहां पड़ी डकैती का जुर्म कुबूल कर लिया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने 20 जून 2010 को डकैती का माल बरामद कर ग्राम गोठ थाना कटघर मुरादाबाद निवासी बाबू उर्फ आजम, सज्जादनगर रामपुर निवासी नासिर हुसैन, स्वार रामपुर निवासी डॉ. मकसूद, थाना डिडौली, जेपीनगर निवासी वाजिद, झादोवाला थाना भोजपुर मुरादाबाद निवासी शकील हाजी और हनीफ उर्फ बड़ा, रहीमुद्दीन और गुड्डू उर्फ उमर को गिरफ्तार किया था। सभी आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट के बाद उक्त वाद का परीक्षण प्रथम एडीजे न्यायालय में हुआ।
अभियोजन पक्ष की ओर से तत्कालीन एसओ रवि सैनी, सीओ हरीश मेहरा, मनमोहन सिंह, सतीश बाबू, गुरदीप सिंह आदि को परीक्षित कराया गया। अदालत में लंबे समय से अनुपस्थित रहने पर आरोपी रहीमुद्दीन और गुड्डू की पत्रावली मुकदमे से अलग कर दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संतोष नकवी ने पैरवी की। दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने सभी छह आरोपियों को धारा 395 और 412 का दोषी पाया। प्रथम एडीजे प्रीतु शर्मा ने दोनों धाराओ में आरोपियों को 7-7 वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गोकशी के दो तस्करों को तीन साल की सजा
जसपुर। गोकशी करते पकड़े गए दो आरोपियों को कोर्ट ने तीन साल का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। कुमाऊं परिक्षेत्र के गोवंश संरक्षण स्क्वाएड के प्रभारी ओम प्रकाश शर्मा ने वर्ष 2018 की अप्रैल को टीम के साथ सरवरखेड़ा में छापा मारकर गोवंश के टुकड़े एवं कुल्हाड़ी समेत हसनैन निवासी गुलाबबाड़ी भोजपुर मुरादाबाद और रईस अहमद निवासी सरवरखेड़ा को गिरफ्तार किया था। वहीं, गांव निवासी आशक अली भागने में कामयाब रहा। मामले में कुंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
विवेचक मदन बिष्ट ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ओर अभियोजन की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने तर्क पेश किए। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रकाश चंद्र ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद गोकशी का दोषी मानते हुए दोनों तस्करों को तीन-तीन साल का कठोर कारावास की सजा सुनाई। अधिवक्ता अनिल कुमार ने बताया कि केस विचारण के दौरान एक आरोपी रईस अहमद की मौत होने पर कोर्ट ने उसका नाम विचारण से हटा दिया। संवाद