कार्बेट नेशनल पार्क के अलावा तराई पश्चिमी वन प्रभाग का फाटो पर्यटक जोन भी सैलानियों को अपनी ओर खूब आकर्षित कर रहा है। ऐसे में वन विभाग पर्यटन जोन के लिए एक और प्रवेश द्वार बनाने की तैयारी कर रह है। यह गेट जसपुर के पतरामपुर रेंज के समीप बेरियर पर बनाया जाएगा। ट्रायल के तौर पर पांच जिप्सियों को जंगल सफारी के लिए अनुमति दी जाएगी। इसके लिए वन विभाग जिप्सी मालिकों से आवेदन मांगने सहित अन्य प्रक्रिया शुरू करने में जुटा है।
फाटो पर्यटक जोन को पर्यटन के लिए विकसित करने के बाद नवंबर 2021 में इसे पर्यटकों के लिए खोला गया था। विभाग की ओर से रामनगर के मालधनचौड़ स्थित गूजर झाला से सैलानियों के लिए प्रवेश गेट बनाया गया है। यहां से रोजाना सुबह और शाम की पाली में 50-50 जिप्सियां सैलानियों को जंगल सफारी पर ले जाती है। वर्तमान में विभाग की ओर से जोन भ्रमण के लिए मैनुअल परमिट दिए जाते हैं। जोन में सैलानियों के बढ़ते रुझाान के चलते और जसपुर क्षेत्र के लोगों की मांग पर पर्यटक जोन के लिए एक और प्रवेश गेट बनाने की कसरत की जा रही है।
जैव विविधता को समेटे है फोटो पर्यटक जोन
जैव विविधता और अनुपम सौंदर्य समेटे जोन में बाघ, हाथी, चीतल, सांभर, मोर के अलावा सैकड़ों प्रजाति के परिंदों का बसेरा है। सफारी पर आने वाले सैलानी वन्यजीवों का दीदार कर खासे रोमांचित होते हैं। वन्यजीव बहुल होने की वजह से यह जोन कम समय में ही सैलानियों को आकर्षित करने में सफल रहा है।
सैलानियों के लिए बना है ट्री हाउस
रुदपुर। फाटो जोन में सैलानियों के लिए प्रदेश का पहला ट्री हाउस बनाया गया है। इस ट्री हाउस में पर्यटन तय शुल्क देकर ठहरते हैं। एक ऊंचे पेड़ पर बने ट्री हाउस में कमरे बने हैं। करीब 30 लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया है, साथ ही जोन में दो और ट्री हाउस प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही 110 साल पुराना ब्रिटिशकालीन विश्राम गृह भी है। विभाग की ओर से सफारी का परमिट और ट्री हाउस का शुल्क ऑनलाइन करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
सालभर खुला रहता है जोन
रुद्रपुर। फाटो जोन सालभर खुला रहता है। भारी बारिश में ही जोन को बंद किया जाता है। इस जोन में घूमने के लिए सैलानियों को एक हजार रुपये का शुल्क देना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नया गेट शुरू होने से उस क्षेत्र के लोगों को भी रोजगार भी मिलेगा, साथ ही पर्यटन गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
फाटो पर्यटन जोन में मालधनचौड़ में बने गेट से सैलानी भ्रमण के लिए जाते हैं। लेकिन अब जोन का दूसरा गेट पतरामपुर रेंज कार्यालय के समीप फाटो बेरियर पर बनाने की तैयारी की जा रही है। के तौर पर पांच जिप्सियों को अनुमति दी जाएगी। इसके लिए जिप्सी मालिकों से आवेदन लिए जाएंगे और जांच के बाद भी नियम के दायरे में आ रहे आवेदकों को अनुमति दी जाएगी। इसको लेकर जरूरी कार्रवाई की जा रही है। पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
- प्रकाश चंद्र आर्य, डीएफओ, तराई पश्चिमी वन प्रभाग।