रुद्रपुर नगर निगम के पास विवादित सरकारी जमीन पर कई सालों से जमे अतिक्रमणकारियों को सोमवार को पुलिस टीम ने खदेड़ दिया। करीब 150 पुलिस कर्मियों ने 30 से अधिक झोपड़ियां तोड़कर मैदान को खाली कराया। मैदान में खड़े 10-12 वाहनों को भी सीज कर दिया। यह कार्रवाई रामनगर में होने वाले जी-20 सम्मेलन की तैयारियों को लेकर की गई।
नगर निगम कार्यालय के पास खाली पड़े मैदान के मामले में नगर निगम और नैनीताल निवासी एक व्यक्ति के बीच न्यायालय में लंबे समय से केस चल रहा है। इधर, मैदान में पिछले सालों से कुछ लोग झोपड़ियां बनाकर बस गए। सोमवार सुबह करीब 11 बजे एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के साथ करीब 150 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने लोगों को मैदान खाली करने के निर्देश दिए। पुलिसकर्मियों ने स्वयं और जेसीबी की मदद से झोपड़ियां तोड़ दीं। अतिक्रमणकारी अपना आधा अधूरा सामान बटोर कर दूसरी जगह की तलाश में निकल पड़े। मैदान के पिछले भाग पर कुछ कबाड़ियों ने गोदाम भी बना लिए थे। पुलिस ने जेसीबी से कबाड़ हटाकर पहाड़गंज स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड में फेंक दिया। पुलिस ने मैदान में खड़ी दो कार, दो पिकप, एक बस, ट्रैक्टर सहित कई वाहनों को सीज कर दिया।
मैदान से सटे पक्के मकानों के पिछले गेट मैदान की तरफ खोले गए थे। एसएसपी ने सख्त हिदायत कर गेट बंद कराने के निर्देश दिए। जेसीबी से गेट के बाहर मिट्टी भरवा दी गई ताकि वह गेट दोबारा न खुल सके। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद मैदान खाली हो सका। वहां पर एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ सिटी अनुषा बडोला, सीएफओ वंश बहादुर सिंह, ट्रैफिक पुलिस, सीपीयू कर्मी मौजूद रहे।
बिजली चोरी और नशा बेचने का आरोप
मैदान में कई लोग कटिया डाल कर झोपड़ी में चोरी की बिजली का प्रयोग भी कर रहे थे। पुलिस ने सावधानी के साथ सभी झोपड़ियों को तोड़कर उनकी कटिया हटाईं। एसएसपी ने बताया कि मैदान में कुछ लोग नशा बेचने का काम भी करते हैं। इसके अलावा तमाम तरह की आपराधिक गतिविधियों में भी संलिप्त हैं।
इंदिरा चौक का होगा चौड़ीकरण
नगर निगम के बगल में अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मैदान खाली कराने के बाद जेसीबी के साथ कई पुलिसकर्मी इंदिरा चौक पहुंचे। वहां जेसीबी से चौक के घेरे को चारों तरफ से 3.50 मीटर तक छोटा किया गया। एसपी ट्रैफिक चंद्रशेखर आर घोड़के ने बताया कि इंदिरा चौक को चौड़ा किया जा रहा है। घेरा कम होने के बाद एनएच वहां पर रोड बनाकर उसे चौड़ा करेगा।
अतिक्रमणकारियों से पुलिस सत्यापन और दूसरे कागजात मांगे गए। कागजात उनके पास नहीं थे। इसके बाद उनकी झोपड़ियों को तोड़ा गया। कई लोग नशा बेचने के साथ कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में भी लिप्त हैं। इससे शहर का माहौल खराब हो रहा है। वहीं जी-20 के मद्देनजर भी इन्हें हटाया गया है।
- डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी