- चार दिन से सड़क पर बह रहा है पानी, ग्रामीण परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शांतिपुरी। गर्मी शुरू हो रही है लेकिन जल संस्थान का पेयजल को लेकर लापरवाह है। शांतिपुरी नंबर एक में मुख्य सड़क पर पानी की लाइन चार दिन से क्षतिग्रस्त है और पीने का पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। इस वजह से ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ग्रामीण हैंडपंप और अन्य स्रोतों से पानी का इंतजाम कर रहे हैं।
जल संस्थान की ओर से कई साल पहले जवाहर नगर से शांतिपुरी नंबर एक, दो, तीन और चार तक पानी की लाइन बिछाई गई थी। लाइनें पुरानी होने की वजह से बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इनको ठीक करने के लिए विभागीय कर्मियों को सड़कों पर गड्ढे करने पड़ते हैं। शांतिपुरी और जवाहर नगर को जोड़ने वाले मोड़ पर पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते पानी घरों की बजाए सड़क पर बह रहा है। इससे सड़क भी खराब हो रही है और आवाजाही में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इसके साथ ही लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने क्षतिग्रस्त लाइन को ठीक नहीं किया तो जल संस्थान के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
कोट
- जल संस्थान की लापरवाही के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशानियों से जूझना पड़ता है। पाइपलाइन लीकेज होने से पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है।
- कैलाश चंद्र जोशी, शांतिपुरी नंबर एक
कोट
- एक साल से ज्यादा समय हो गया है और पानी की पाइप लाइन लीकेज हो रही हैं। जल संस्थान की लापरवाही के चलते बच्चों को स्कूल आने जाने में देरी होती है। इससे हादसा होने का भी खतरा रहता है।
- एडवोकेट नवीन चंद्र
कोट
- हमने घर परिवार छोड़कर राज्य की लड़ाई लड़ी थी। लेकिन अपना राज्य बनने के बाद भी लोगों को छोटी-छोटी मूल सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है।
- हरीश पाठक, राज्य आंदोलनकारी
कोट
- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की ग्रामसभा होने पर अपनी मूल सुविधा के लिए कई बार सड़कों का आना पड़ता है। आए दिन गांव में पीने के पानी की पाइप लाइन लीक रहती है। जिससे गांववासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- मोहन चंद्र पांडे, जवाहर नगर
कोट:
जवाहर नगर और शांतिपुरी क्षेत्र में बिछाई गई लाइनें काफी पुरानी हो चुकी है। अब जल ही जीवन के तहत शांतिपुरी के गांवों में नई पाइपलाइन बिछाई गई हैं। आने वाले 15 से 20 दिनों में बचे हुए क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
- मोहम्मद आसिम, जेई, जल संस्थान