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इटली की तकनीक से तैयार होंगे फूड प्रोडक्ट

Sun, 04 Dec 2016 12:04 AM IST
चंदन बंगारी /अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर।
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इटली की तकनीक से तैयार होंगे फूड प्रोडक्ट - फोटो : अमर उजाला
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काशीपुर। पहाड़ों में फल, सब्जियां उगाने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। महुआखेड़ागंज में निर्माणाधीन फूड पार्क में भारत सरकार और हिमालयन फूड्स के ज्वाइंट वेंचर से पल्प प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा रहा है। प्लांट में फल, सब्जियों की इटली की तकनीक से प्रोसेसिंग के बाद फूड प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे। किसानों का माल खरीदने के लिए पहाड़ों में 25 कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।
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दरअसल भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की ओर से 56 एकड़ जमीन में हिमालयन फूड पार्क की स्थापना की जा रही है। फूड पार्क में स्थापित होने वाली फैक्ट्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाने का काम चल रहा है। पार्क में केंद्र सरकार और हिमालयन फूड के ज्वाइंट वेंचर से 51 करोड़ रुपए की लागत से पल्प प्रोसेसिंग यूनिट तैयार की जा रही है। सेब, आम, खुबानी सहित फलों, सब्जियों की प्रोसेसिंग के बाद जैम, अचार, जैली, जूस आदि उत्पाद तैयार करने के लिए इटली से मशीनें मंगाई गई हैं।

फल, सब्जियों की ताजगी बनी रहे, इसके लिए सीए कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस भी बनाए जा रहे हैं। परिसर में 10 शेड भी बनाए गए हैं, जिन्हें बेहद कम दामों पर किराए पर दिया जाएगा। शेड में कोई भी अपनी फूड यूनिट लगा सकता है या प्रोसेसिंग यूनिट में अपने फलों की प्रोसेसिंग कराकर अपने नाम का उत्पाद तैयार करवा सकता है।
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हिमालयन फूड के निदेशक अश्विनी छाबड़ा ने बताया कि प्रोसेसिंग यूनिट के लिए तीन निदेशकों में उनके अलावा भारत सरकार, राज्य सरकार के एक-एक अधिकारी शामिल हैं। किसानों की फल, सब्जियां खरीदने को कुमाऊं में 18, गढ़वाल में सात कलेक्शन सेंटर खोले जा रहे हैं। ये प्रोसेसिंग यूनिट फरवरी पहले हफ्ते से काम करना शुरू कर देगी। यहां हिमालयन फूड के नाम से उत्पाद तैयार होंगे। 

काशीपुर। हिमालयन फूड के निदेशक अश्विनी छाबड़ा ने बताया कि रामनगर के मोहान, कोटाबाग, रामगढ़ में प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। जिसमें फल, सब्जियां प्रोसेसिंग के बाद बड़ी यूनिट तक पहुंचेंगी। फलों को खराब होने से बचाने के लिए प्राथमिक स्तर पर प्रोसेसिंग हो जाएगी। उन्होंने बताया कि फूड पार्क में छह कंपनियों ने जमीन के लिए आवेदन किया था, उन्हें आवंटित कर दिया गया है। जिनमें चक्की प्लांट, फ्रोजन, जैम, जूस बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। पार्क में 30 फैक्ट्रियां लगनी प्रस्तावित हैं। 
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