रुद्रपुर। क्षेत्र की कई सिंचाई नहरों में कई फैक्ट्रियों का दूषित पानी लंबे समय से छोड़ा जा रहा है। नहरों के पानी का उपयोग बड़ी संख्या में किसान करते हैं। नहरों में छोड़े जाने वाले दूषित पानी से फसल भी बर्बाद हो रही है। एक साल पहले किसानों की शिकायत पर असंबंधित विभाग ने जांच कराने की जहमत तक नहीं उठाई है।
तीनपानी डैम से होकर गुजरने वाली नहर प्रमुख नहरों में शुमार है। नहर से करीब 150 किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। नहर में गंदगी और फैक्टरियों का रसायनयुक्त पानी छोड़ा जाता है। इस कारण किसान बमुश्किल वैकल्पिक व्यवस्थाओं के जरिए खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। किसान राजू शुक्ला का कहना है कि नहर में फैक्टरियों का गंदा पानी छोड़े जाने की शिकायत पिछले साल अगस्त और दिसंबर माह में की गई थी। तीनपानी डैम के पास खेती करने वाले किसान अमनजीत सिंह का कहना है कि बीते चार- पांच सालों से नहरों का पानी लगातार जहरीला आ रहा है। खेतों में इस पानी से सिंचाई करने पर फसल बर्बाद हो जाती है। नहर में दूषित पानी की शिकायत के करीब एक साल पूरे हो चुके हैं। अभी भी अधिकारियों ने इस संबंध में कोई जांच नहीं कराई है।
कोट:
नहरों में फैक्टरियों का गंदा पानी छोड़े जाने की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। वहां से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - भरत सिंह डांगी, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग