रुद्रपुर। गदरपुर के अलखदेवा ग्राम पंचायत में बिना मंजूरी के विकास कार्य कराने और फर्जी तरीके से ई-स्वराज पोर्टल में चढ़ाने के मामले में गठित तीन सदस्यीय टीम चार अगस्त को ग्राम पंचायत में आकर जांच करेगी। सीडीओ के निर्देश पर डीडीओ की अगुवाई में जांच कमेटी गठित की गई है। चर्चा है कि कुछ नेता इस मामले में शामिल रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
कुछ महीने पहले ग्राम पंचायत अलखदेवा में एक ठेका फर्म ने लाखों रुपये की लागत से दो सीसी सड़क और एक नाली का निर्माण कराया था लेकिन ये कार्य न तो ग्राम पंचायत की बैठक में प्रस्तावित थे और न ही इनको वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्राम स्वराज योजना में मंजूरी मिली थी। इन कार्यों का भुगतान पाने के लिए ग्राम स्वराज पोर्टल पर कूटरचित ढंग से चढ़ा दिया गया था। जब फर्म के लोगों ने वीपीडीओ पर तीन कार्यों के भुगतान का दबाव बनाया तो उन्होंने एडीओ पंचायत के माध्यम से डीपीआरओ को मामले की शिकायत की थी। इसके बाद यह मामला सीडीओ के संज्ञान में भी लाया गया था।
इसके बाद सीडीओ ने डीडीओ की अध्यक्षता मेें कमेटी जांच कमेटी गठित की थी और डीपीआरओ और सहायक अभियंता ग्र्रामीण निर्माण खंड को उसमें सदस्य बनाया था। सूत्रों के अनुसार बिना वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी के निर्माण कार्य कराने के कई और मामले सामने आ सकते हैं। इसमें मिलीभगत की संभावना जताई जा रही है। जांच कमेटी में शामिल डीपीआरओ रमेश त्रिपाठी ने बताया कि डीडीओ की अध्यक्षता में कमेटी चार अगस्त को ग्राम पंचायत अलखदेवा में जाकर जांच करेगी।