पांच माह पहले बाजपुर दोराहा के पास निर्माणाधीन ओवर ब्रिज के धराशायी होने के बाद भी शासन प्रशासन ने सबक नहीं लिया। जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है, उधर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। ओवर ब्रिज पर लिंटर डल गया है।
ओवरब्रिज मामले में कंपनी के तीन अधिकारियों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी जांच पुलिस से हटाकर एसटीएफ को सौंपी गई है। लेकिन जांच अभी तक फाइलों में ही कैद है।
23 अक्तूबर 2015 को सितारगंज-काशीपुर के बीच बन रहे एनएच फोरलेन पर दोराहा के पास निर्माणाधीन ओवरब्रिज धराशायी हो गया था। हादसे में सुपरवाइजर सहित चार मजदूर घायल हो गए थे। पुलिस ने मजदूरों सहित कई लोगों से पूछताछ की।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के तीन अधिकारियों पर केस दर्ज हुआ। शुरुआती दौर में अफसरों ने सख्ती दिखाई, लेकिन धीरे-धीरे मामला ठंडा पड़ गया। कार्यरत लोगों के अनुसार दोबारा हो रहे निर्माण में ओवरब्रिज की लोहे की शटरिंग मजबूती के साथ की गई है।
ओवरब्रिज निर्माण के नक्शे में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एसडीएम तीरथपाल सिंह ने बताया कि कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले की जांच भी पुलिस कर रही थी। शासन स्तर से मामले की जांच एसटीएफ को ट्रांसफर की गई है।