ऊधमसिंह नगर की दो छात्राओं के अविष्कार को वैश्विक पहचान मिलने जा रही है। रुद्रपुर की शांति कॉलोनी निवासी कामिनी का अविष्कार ‘हैंडपंप विद मल्टी कैप’ जल संरक्षण को समर्थित है। शिमला बहादुरपुर की स्वीटी की ‘रिप्लेसिबल हील सैंडिल’ महिलाओं को एड़ियों के दर्द से छुटकारा दिला सकता है। ऊधमसिंह नगर जिले की कक्षा 10 की कामिनी और स्वीटी जापान के टोक्यो में सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोगाम में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके अविष्कारों के डिजाइन 15 जून को टोक्यो में प्रदर्शित होंगे।
दीदी की शादी में पहनी हाईहील सैंडिल तो हुआ दर्द का एहसास
शिमला बहादुर निवासी अरविंद पंडित की बेटी स्वीटी स्टोन रिज इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा है। स्वीटी ने 2022 में अपनी दीदी की शादी में पहली बार हाईहील की सैंडिल पहनी थी। इससे उसकी ऐड़ियों में दर्द शुरू हो गया। इससे उसको एहसास हुआ कि रोजाना महिलाएं इस दर्द से गुजरती हैं। तब उसने मन में ठान लिया कि वह ऐसी सैंडिल बनाएगी, जो महिलाओं को दर्द से छुटकारा दिलाएगा। उसने कनवर्टबल सैंडिल ईजात की। इसमें जब महिलाओं को हाईहील पहननी हो तो वे पहन सकती हैं और अगर दर्द हो ताे हील को फोल्ड कर छोटा भी किया जा सकता हैं। अधिक लंबाई वाली हील सैंडिल के भीतरी हिस्से में फोल्ड हो जाती है।
जब हैंडपंप पर लगाई लाइन तो मन में उपजा नवाचार
शांति कॉलोनी रुद्रपुर निवासी तेजपाल शर्मा की बेटी कामिनी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज फाजिलपुर महरौला में कक्षा 10 की छात्रा हैं। कामिनी ने बताया कि कक्षा आठ में जब वह लंच कर पानी पीने के लिए हैंडपंप पर गई तो लाइन में लगने के कारण एक बोतल पानी भरने के लिए काफी समय लगा। साथ ही पानी भरते समय पानी की अत्यधिक बर्बादी देख मन में पानी बचाओ का ख्याल आया। इसके लिए लोहे की पाइप और टोटियों से एक सक्रिय डिजाइन तैयार की। इससे एक तो पानी की बर्बादी को काफी हद तो रोका जा सकता है और एक साथ चार बोतल पानी भी भरा जा सकता है। मुख्य पाइप में पानी स्टोरेज किया जा सकता है।
जिला, प्रदेश और देश स्तर पर हाे चुका प्रदर्शन
वर्ष 2022 में इंस्पायर अवार्ड मानक कार्यक्रम में दोनों ने ऑनलाइन आवेदन किया। शासन से चुने जाने पर उन्हें 10 हजार रुपये भी मिले। इसके बाद उनके अविष्कार का जिला स्तर पर सितारगंज, प्रदेश स्तर पर टिहरी गढ़वाल और राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में प्रदर्शन किया गया। इनमें दोनों छात्राओं को खूब सराहना मिली।
दोनों छात्राओं की मेहनत और रचनात्मकता से उन्हें जापान में अपने डिजाइन प्रदर्शित करने का मौका मिला है। भविष्य में छात्राओं के डिजाइन को अन्य मंचों पर साझा करने के लिए विभाग की ओर से सहयोग किया जाएगा। - केएस रावत, सीईओ।