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Udham Singh Nagar News: मृतक आश्रितों को 31.35 लाख भुगतान करने का आदेश

Fri, 12 May 2023 12:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश काशीपुर रितेश कुमार श्रीवास्तव की कोर्ट ने सुनाया फैसला
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संवाद न्यूज एजेंसी
काशीपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश काशीपुर रितेश कुमार श्रीवास्तव ने सड़क दुर्घटना में मरने वालीं रश्मि अरोरा के आश्रितों को 31.35 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
31 जनवरी 2018 को काशीपुर निवासी प्रतिष्ठित व्यापारी तेज प्रकाश अरोरा अपनी पत्नी रश्मि अरोरा और रिश्तेदार गुजरात निवासी डाॅ. शांति स्वरूप, किश्नू सतारिया, बालकृष्ण मदान व चंचल मदान के साथ कार में नैनीताल से घूमकर काशीपुर आ रहे थे। बेलगड़ नहर के पास कार नहर में जा गिरी। घटना में रश्मि अरोरा, तेज प्रकाश अरोरा, रिश्तेदार डाॅ. शांति स्वरूप व किशनू सतारिया की मौके पर ही मौत हो गई। बालकृष्ण मदान व चंचल मदान गंभीर रूप से घायल हो गये। घटना की रिपोर्ट कोतवाली रामनगर में दर्ज कराई गई थी।
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रश्मि अरोरा के बेटे सागर ने अपने अधिवक्ता कैलाश चंद्र प्रजापति के माध्यम से मुआवजे का वाद जिला जज ऊधमसिंह नगर की अदालत में दायर किया। जिसे बाद में सुनवाई के लिये द्वितीय अपर जिला जज रितेश कुमार श्रीवास्तव काशीपुर की अदालत में भेजा गया। रश्मि के आश्रितों सागर और सागरिका की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने न्यायालय में सागर, आयकर अधिकारी काशीपुर व कार मालिक नवीन अरोरा को परीक्षित कराया। न्यायालय को बताया कि कार की गति अत्यधिक तीव्र होने के कारण दुर्घटना घटी है। बीमा कंपनी के अधिवक्ता का तर्क था कि घटना अचानक व इस्तेफाक से हुई है। घटना की रिपोर्ट भी काफी देरी से दर्ज हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नेशनल इन्श्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया कि वह मृतका के आश्रितों को 31.35 लाख रुपये 6 प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान करे।

अफीम तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज

12 दिन पहले बाजपुर में हुई थी गिरफ्तारी

संवाद न्यूज एजेंसी

रुद्रपुर। अफीम तस्करी में पकड़े गए आरोपी की जमानत याचिका को न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) सुशील तोमर ने खारिज कर दिया। अभियोजन के अनुसार 23 अप्रैल को बाजपुर में राहुल कुमार निवासी शिवनगर सुल्तापुरपट्टी के बैग से 335 ग्राम और प्रगट सिंह निवासी पट्टी घोसीकला थाना स्वार रामपुर के पास से 554 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने दोनों पर केस दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जेल में बंद राहुल ने अपने अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा की माध्यम से न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) में जमानत की अर्जी दाखिल की थी। अभियोजन अधिवक्ता दीपक कुमार अरोरा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने अपराध को गंभीर प्रवृत्ति का बताते हुए जमानत देने का विरोध किया।
आईफोन के नाम पर चढ़ गया डेढ़ लाख का लोन
कोर्ट के आदेश पर दो लोगों पर दर्ज हुआ केस
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। एक व्यक्ति को फाइनेंस पर आईफोन दिलाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ग्राम रामबाग दिनेशपुर निवासी शिवप्रद सरकार ने कहा है कि उसे दो आईफोन फाइनेंस पर खरीदने थे। उसने पड़ोस में किराए पर रहने वाले वरुण हाल निवासी प्रेमनगर बृजघाट जिला हापुड़ और मूल निवासी मकान नंबर 42 ममूरा सेक्टर नोएडा शर्फाबाद जिला गौतमबुद्धनगर से बात की। 19 जनवरी को वह वरुण के साथ मेट्रोपोलिस मॉल स्थित आई क्रस्ट मारूती नंदन टेलीकॉम पर पहुंचा था। दुकान पर मौजूद वार्ड नंबर 1 दिनेशपुर निवासी रजत तरफदार उर्फ गोपाल ने फाइनेंस पर आईफोन दिलाने के लिए उससे आधारकार्ड, पैन कार्ड लिया और 4800 रुपये अपने गूगल-पे एकाउंट पर डलवाए। सारी कार्रवाई करने के बाद उसने कहा कि रिपोर्ट अच्छी नहीं होने पर लोन नहीं हो पा रहा है और तुम्हारे दिए रुपये वापस कराए जाएंगे। इसके बाद वरुण ने उसे 4,800 रुपये नकद दे दिए और वह घर आ गया।
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10 मार्च को उसके मोबाइल पर एचडीएफसी बैंक मुख्य ब्रांच दिल्ली से कॉल आया। कॉलर ने कहा कि जो दो आईफोन 1,50,018 रुपये के लिए हैं, उसकी मासिक किस्त 7074 रुपये की अदायगी नहीं की गई थी। उसने बैंक अधिकारी से कहा कि वह लोन लेने जरूर गया था, मगर लोन नामंजूर कर दिया गया था। बैंक के अधिकारी ने बताया कि दोनों लोन स्वीकार कर लिए गए थे और आवास विकास बैंक शाखा पर जाकर अपनी फाइल देख लें। उसने बैंक शाखा में जाकर विवरण निकलवाया और आई क्रस्ट दुकान पर पहुंचकर रजत से शिकायत की। रजत ने कहा कि उसने दोनों आई-फोन वरुण को दे दिए थे। शिवप्रद का कहना है कि वह सिडकुल चौकी, थाना पंतनगर और एसएसपी से शिकायत की, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पंतनगर पुलिस ने रजत तरफदार और वरुण के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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