न्यायालय ने लगाया 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड
चार आरोपी हुए दोषमुक्त और दो की हो चुकी है मृत्यु
संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। फर्जी दस्तावेजों से फाइनेंस कंपनी से वाहन फाइनेंस कराकर बेचने के साढ़े 15 साल पुराने मामले में एसीजेएम/सीनियर सिविल जज ने पांच दोषियों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषियों पर 55000-55000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस मामले में चार लोगों को दोषमुक्त किया है जबकि दो की मृत्यु हो चुकी है। एक अभियुक्त की पत्रावली की अलग की गई है। सजा पाने वालों में एक परिवहन विभाग में क्लर्क रह चुका है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार छह सितंबर 2007 को एसटीएफ के निरीक्षक हरीश कुमार मेहरा की अगुवाई में टीम ने फाइनेंस कंपनी को फर्जी दस्तावेजों से चूना लगाने वाले गिरोह की सूचना पर किच्छा में शैल कम्यूनिकेशन में दबिश दी थी। टीम ने अनिल उर्फ बॉबी और गुरप्रीत सिंह से पूछताछ की। दोनों ने बताया कि वे बुकिंग पर गाड़ियां देने के साथ ही फाइनेंस कंपनी में दलाल का काम करते हैं। वे गलत नाम पते पर फाइनेंस कंपनियों से गाड़ी फाइनेंस कराकर फार्म नंबर 21 फर्जी बनाकर गाड़ियां दूसरों को बेच देते हैं।
गलत नाम पता होने के कारण फाइनेंस कंपनी की किस्त बचा लेते हैं। इस कार्य में मुरादाबाद का संजय, गाजियाबाद का विक्की त्यागी उर्फ विट्टू त्यागी, बिजनौर का बब्बन, सियौरा बिलासपुर का लाडी, बदायूं का सीटू, रुद्रपुर के कपिल अरोरा, विक्रम, विकान्त, एआरटीओ कार्यालय रुद्रपुर का दलाल हेमू यादव और वहां तैनात क्लर्क गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू भी उनको मदद करते हैं। टीम ने कपिल अरोरा निवासी मीरा मार्ग गली मेल मार्केट रुद्रपुर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी कागजों से आईसीआईआई बैंक गाजियाबाद और महेंद्र एंड महेंद्रा फाइनेंस कंपनी रुद्रपुर से फाइनेंस कराई स्टीम, इंडिका और स्कोडा कार को बरामद किया। पुलिस ने अनिल शैली, सिमरनजीत सिंह, विक्रम सिंह, गुरप्रीत सिंह, हेमू यादव, कपिल अरोरा, बब्बन, गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू, सीटू उर्फ दीपक खन्ना, समीर अहमद, विक्रांत, पुनीत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे।
मामले की सुनवाई एसीजेएम /सीनियर सिविल जज श्वेता पांडेय की अदालत में हुई। एक अभियुक्त विक्रांत सिंह की पत्रावली 17 मार्च 2023 को न्यायालय ने अलग कर दी थी। दो आरोपी दीपक खन्ना और समीर अहमद की मृत्यु हो गई थी। सहायक अभियोजन अधिकारी दलीप कुमार ने 14 गवाहों और साक्ष्यों को न्यायालय में पेश कर पांच अभियुक्तों अनिल उर्फ बॉबी, गुरप्रीत सिंह, हेमू यादव, कपिल अरोरा, गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू पर आईपीसी की धारा 420, 467,468,471,406,120 बी के तहत दोषसिद्ध कर दिया।
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रह चुका है गुरजीत सिंह
रुद्रपुर। फाइनेंस कंपनी को चूना लगाने के मामले में सजा पाने वाला गुरजीत सिंह उर्फ पन्नू रुद्रपुर डिग्री कॉलेज का छात्र संघ अध्यक्ष रह चुका है। इसके साथ ही उसने समाजवादी पार्टी से नैनीताल लोकसभा का चुनाव लड़ा था। राज्य आंदोलनकारी कोटे से उसे एआरटीओ कार्यालय में क्लर्क पद पर नियुक्ति मिली थी। लेकिन वह फर्जीवाड़ा गिरोह में शामिल हो गया। बताया जा रहा है कि इसी वजह से उसे नौकरी छोड़नी पड़ी थी। संवाद