दस दिन पहले बिना अनुमति के अवकाश पर जाने के आरोप में सस्पेंड हुए इंस्पेक्टर पीके जेठा को कप्तान ने बहाल कर दिया है। सीओ की जांच में निर्दोष पाए जाने पर कार्यवाही की गई है। पुलिस लाइन में पूर्व आरआई सहित 14 निलंबित कर्मियों के खिलाफ जांच चल रही है।
बता दें कि जनवरी के दूसरे हफ्ते में काशीपुर इंस्पेक्टर पीके जेठा को लाइन हाजिर कर दिया गया था। लाइन आमद कराने के बाद जेठा तबियत बिगड़ने पर अवकाश पर चले गए थे। निजाम बदला तो नए कप्तान अनंत शंकर ताकवाले ने आते ही गैरहाजिर चल रहे पुलिसकर्मियों की सूची तलब कर डाली।
27 मार्च को कप्तान ने इंस्पेक्टर पीके जेठा, पुलिस लाइन के पूर्व आरआई जेसी पाठक सहित 15 पुलिसकर्मियों को अनाधिकृत रुप से अनुपस्थित रहने पर सस्पेंड कर दिया था। सस्पेंड कर्मियों की जांच अलग-अलग पुलिस अधिकारियों को दी गई थी। इंस्पेक्टर जेठा के मामले की जांच तत्कालीन सीओ सिटी बीएस चौहान को दी गई थी।
रुद्रप्रयाग तबादला होने पर रवानगी से पहले सीओ चौहान ने अपनी रिपोर्ट कप्तान को सौंप दी थी। जांच में सीओ ने जेठा को क्लीन चिट दी थी। कप्तान ताकवाले ने बताया कि जांच में इंस्पेक्टर जेठा निर्दोष पाए गए हैं। जिसके बाद उन्हें बहाल कर दिया गया है। फिलहाल जेठा अभी किसी कोतवाली में नियुक्ति नहीं दी गई है। अन्य सस्पेंड पुलिसकर्मियों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिल सकी है।