अपने घर का सपना संजो रहे लोगों के लिए मानसून ने राहत के बजाय महंगाई की मार दी। रेता, बजरी और खोचड़ से लेकर सीमेंट, सरिया और ईंट तक के दाम बढ़ गए हैं। ईंट के दाम 8000 से बढ़कर 8500 रुपये प्रति हजार और सीमेंट 350 से बढ़कर 380 रुपये प्रति कट्टा पहुंच गया है।
मानसून के चलते नदियों में जल स्तर बढ़ने से रेता-बजरी-खोचड़ का खनन बंद हो गया है। इससे मंडी में आवक कम होने से विक्रेताओं ने दामों में बढ़ोतरी कर दी है। भट्टों के मैदान में पानी भरने से ईंट निर्माण का काम बाधित हुआ है। इससे ईंटों के दामों में 500 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
भवन सामग्री विक्रेता किशोर तनेजा ने बताया कि मानसून में खनन बंद होने से रेता-बजरी कम आ रही है इसलिए दाम बढ़ गए हैं। भवन निर्माण के सिविल कॉन्ट्रेक्टर विनोद कुमार व विजेंद्र कुमार ने बताया कि मानसून में ईंट की आवक कम हो गई है। 8500 रुपये प्रति हजार मिल रही है। लेबर ने 550 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये और मिस्त्री ने 800 से बढ़ाकर 900 रुपये दिहाड़़ी कर दी है।
इनसेट......
निर्माण सामग्री के दाम
सामग्री वर्तमान में दाम मानसून से पहले दाम
ईंट 8500 8000 रुपये प्रति हजार
रेता 75 70 रुपये क्विंतल
बजरी 75 70 रुपये क्विंतल
खोचड़ 75 70 रुपये क्विंतल
सरिया 58 54 रुपये क्विंतल
टाइल्स 700 550 रुपये बॉक्स
सीमेंट 380 350 रुपये प्रति कट्टा