काशीपुर/गदरपुर। नोटबंदी की अवधि के लेन-देन की पड़ताल के लिए आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार को दयाल सीड्स और दयाल इंडस्ट्रीज गदरपुर में छापा मारकर दस्तावेज खंगाले। संयुक्त आयकर कमिश्नर कर्णव बाली ने बताया कि नोटबंदी के दौरान जो रुपये जमा हुए उनका मिलान किया जा रहा है।
आयकर अधिकारी बाजपुर अवधेश मलिक के नेतृत्व में आयकर अधिकारी पीएस राणा, आरके सक्सेना ने आय कर निरीक्षकों की टीमों के साथ दोनों संस्थानों के दस्तावेजों की जांच की। टीम रुद्रपुर रोड स्थित ग्राम धौलपुर में दयाल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज (राइस मिल) के दफ्तर में पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे पहुंची।
सूचना पर व्यापार मंडल अध्यक्ष पंकज सेतिया सहित कई व्यापारी मौके पर पहुंच गये। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ भी पहुंचे और विभाग के अधिकारियों से बात की। शाम तक आयकर टीम इंडस्ट्रीज के स्वामी से पूछताछ कर दस्तावेज को खंगाल रही थी।
बताया जाता है कि नोटबंदी के दौरान इंडस्ट्रीज के खाते में एक बैंक के माध्यम से लाखों रुपये कई बार डाले गए थे। आयकर विभाग द्वारा नोटिस भी दिया गया था, लेकिन इसका जवाब न देने पर विभाग द्वारा छापे की कार्रवाई की गई।
इधर, संयुक्त आयकर कमिश्नर कर्णव बाली ने बताया कि आयकर विभाग ने सभी संस्थानों से ऑनलाइन जवाब मांगा, लेकिन कई लोगों ने जवाब नहीं दिया। जहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है, वहीं कार्रवाई होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग लोगों से अपेक्षा करता है कि जिनके पास भी अघोषित आय है, वे प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में जमा कर राहत ले सकते हैं।
गदरपुर। आयकर विभाग की दयाल ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज पर छापे की कार्रवाई से क्षेत्र में खलबली मच गई, जिसे भी सूचना मिली वह दयाल इंडस्ट्रीज की ओर चल पड़ा। इससे अन्य व्यापारियों ने भी अपने को पूरी तरह से सुरक्षित करने की तैयारी कर ली। खास बात यह रही है आयकर विभाग की छापे की सूचना पर आसपास की इंडस्ट्रीज के मालिकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।