रुद्रपुर। सरकारी राशन का लाभ अपात्र लोगों तक पहुंचने का मामला खाद्य विभाग के सत्यापन अभियान में सामने आया है। प्रदेशभर में सत्यापन के दौरान 20,100 अपात्र राशन कार्ड चिह्नित किए गए हैं। इनमें आयकरदाता, सरकारी नौकरी करने वाले और चार पहिया वाहन रखने वाले लोग भी शामिल हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने सरकारी राशन कार्डों का गहन सत्यापन अभियान चलाया था। सरकारी राशन की योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में ऐसे लोगों तक पहुंच रहा था जो निर्धारित मानकों के अनुसार इसके पात्र नहीं थे। सत्यापन के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक अपात्र राशन कार्ड नैनीताल जिले में मिले हैं। यहां 4,247 कार्ड अपात्र पाए गए। देहरादून 2,886 कार्ड के साथ दूसरे और ऊधमसिंह नगर 1,926 कार्ड के साथ तीसरे स्थान पर है।
बड़ा सवाल : कैसे बने अपात्रों के राशन कार्ड
अधिकारियों के अनुसार सत्यापन में कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें लोग निर्धारित आय सीमा से अधिक कमाई के बावजूद गरीबी रेखा के राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे। कुछ मामलों में सरकारी नौकरी करने वाले और चार पहिया वाहन रखने वाले लोग भी राशन कार्ड धारक पाए गए। सत्यापन के बाद ऐसे अपात्र कार्डों को निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
जिलेवार अपात्र राशन कार्ड
जिला
अपात्र कार्ड
नैनीताल
4,247
देहरादून
2,886
ऊधमसिंह नगर
1,926
पौड़ी गढ़वाल
1,798
हरिद्वार
1,576
पिथौरागढ़
1,573
टिहरी गढ़वाल
1,515
चमोली
1,063
चंपावत
562
अल्मोड़ा
463
उत्तरकाशी
449
रुद्रप्रयाग
317
बागेश्वर
225
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वर्जन::
पूरे प्रदेश में राशन कार्डों का सत्यापन कराया गया। इसमें जो अपात्र पाए गए उनके नाम काट दिए गए हैं। सरकार का सीधा उद्देश्य है कि गरीबों का राशन गरीब लोगों को मिले। -पीएस जंगपांगी, अपर आयुक्त, खाद्य