अखिल भारतीय किसान सभा ने पूर्व डीएम द्वारा पारित किसान विरोधी आदेश को शीघ्र निरस्त करने की मांग को लेकर डीएम कार्यालय पर धरना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रभारी डीएम को सौंपा। आगाह किया यदि शीघ्र ही आदेश का निरस्त नहीं किया, तो आंदोलन किया जाएगा।
उनका कहना था कि एक जुलाई 2016 को तत्कालीन डीएम ने एक आदेश पारित किया था कि गन्ना काश्तकारों का गन्ने का भुगतान काश्तकारों को अन्य मंदों में करवा दिया गया। जिसका परिणाम यह रहा कि काश्तकार भुगतान के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश है। बावजूद इसके किसानों को भुगतान नहीं मिला।
इसके अलावा चीनी मिल सितारगंज पर गन्ना किसानों का लगभग 34.20 करोड़ रुपये अवशेष भुगतान करने, चीनी मिल सितारगंज की चीनी मिल मामले में सतर्कता विभाग को जांच करने, काश्तकारों का गन्ना क्रय केंद्रों पर तोलने, न्याय के आदेशों को प्रदेश में लागू करने आदि ज्वलंत मुद्दे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस संबंध में कई बार शासन और प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस मौके पर त्रिलोक सिंह, जगीर सिंह, उपकार सिंह, अवतार सिंह, रामवीर सिंह, राधेश्याम राणा, गुरनाम सिह, इंदर राणा, अमरजीत सिंह आदि मौजूद थे।