चामुंडा देवी की मूर्ति खंडित करने वालों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर शहर के सभी बाजारों की दुकानें और पेट्रोल पंप बंद रहे। व्यापारियों, हिंदूवादी संगठनों और भाजपाइयों ने शहर के विभिन्न मार्गों में जुलूस निकाला। यहां तक कि लोगों ने बैंक भी बंद करा दिए। नेताओं द्वारा बार-बार उत्तेजित कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने से बंद शांति पूर्ण रहा। तोड़फोड़ जैसी अप्रिय घटना नहीं घटी। पुलिस फोर्स भी मुस्तैद थी।
व्यापारियों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के आह्वान पर दुकानदारों ने सुबह दुकानें नहीं खोली। दुकानदारों, भाजपा, बजरंग दल, विहिप नेताओं ने किला मोहल्ला से डाक्टर लेन, रतन सिनेमा से होकर एमपी चौक तक जुलूस निकाला। एमपी चौक पर नुक्कड़ सभा कर कुछ देर के लिए धरना दिया। फिर निगम परिसर में नुक्कड़ सभा हुई। पूर्व सांसद बलराज पासी, मेयर ऊषा चौधरी, भाजपा नेता राम मेहरोत्रा, व्यापार मंडल कुमाऊं प्रभारी अश्वनी छाबड़ा, नगराध्यक्ष राजीव सेतिया, खिलेंद्र चौधरी, सीमा चौहान ने मूर्ति तोड़ने वालों की गिफ्तारी नहीं होने निंदा की। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने का आह्वान किया।
मंगलवार से एमपी चौक पर धरना देने का निर्णय लिया गया। उधर बजरंग दल के कार्यकर्ता झुंड बनाकर हिंदूवादी नारे लगाते हुए शहर में घूम रहे थे। कटोराताल, महेशपुरा, अल्ली खां में छुटपुट दुकानें ही बंद रही थी। रामनगर रोड स्थित खुली दुकानों को बजरंग दल और विहिप कार्यकर्ताओं ने बंद कराया। बंद के दौरान युवक गले में पीला मफलर डाले हाथों में तलवार और त्रिशूल लिए नारे लगाते चल रहे थे। जुलूस के पीछे-पीछे पुलिस की टुकड़ी चल रही थी।
जुलूस में मोहन बिष्ट, गुरविंदर चंडोक, सुधा शर्मा, रवि पाल, मनोज जग्गा, अमित चौहान, पुष्कर बिष्ट, ब्रजेश सैनी, राजेश कुमार, चंद्रशेखर, रंदीप पोखरिया, प्रशांत पंडित, राजीव परनामी, अनिल सैनी, घनश्याम, यशपाल राज, अजय शर्मा प्रमुख थे। उधर पुलिस चौकन्नी थी।